– जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने की सख्त कार्रवाई की मांग, एसआईआर पर भी उठाए सवाल।
मुजफ्फरनगर। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अफान ने बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को बेहद अफसोसजनक और निंदनीय बताया, साथ ही कहा कि इस्लाम में किसी भी निर्दोष इंसान की हत्या को ‘गुनाहे-अजीम’ (बड़ा पाप) करार दिया गया है।

मौलाना अफान ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मुसलमान ऐसी हरकत करता है, तो उसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अल्लाह के कलाम में बेगुनाह इंसान की हत्या को पूरी इंसानियत का कत्ल बताया गया है। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से मांग की कि दहशत फैलाने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इसके अतिरिक्त, मौलाना अफान ने एसआईआर (विशेष पहचान प्रक्रिया) को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सरकार की नेक नीयत से नहीं की जा रही है और चुनाव के समय जल्दबाजी में इसे लागू करना संदेह पैदा करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने सभी दस्तावेज तैयार रखें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत एसआईआर फॉर्म भरें।
उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए। मौलाना अफान ने चेतावनी दी कि चुनाव आयोग को किसी को भी ‘गैर-मुल्की’ (विदेशी) करार देने की छूट मिलना खतरे से खाली नहीं है।
मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के संबंध में मौलाना अफान ने कहा कि मस्जिद के लिए ‘बाबरी’ नाम आवश्यक नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी अन्य नाम से भी मस्जिद बनाई जा सकती है, क्योंकि विवादित नाम रखने से देश के आपसी भाईचारे को खतरा हो सकता है और सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है। मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अफान ने ये बयान मुजफ्फरनगर के शाहपुर नगर पंचायत में आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मीडिया से बातचीत के दौरान दिए।


