spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Sunday, January 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeशहर और राज्यउत्तर प्रदेशथाने के सील मालखाने से लाइसेंसी रिवाल्वर गायब, मुकदमा दर्ज

थाने के सील मालखाने से लाइसेंसी रिवाल्वर गायब, मुकदमा दर्ज

-

– बर्खास्त मुंशी पर कराया मुकदमा दर्ज, 25 लाख गायब करने में जा चुका है जेल।

प्रयागराज। नैनी थाने के मालखाने से लाइसेंसी रिवाल्वर गायब होने का मामला सामने आया है। अब थाने के प्रभारी निरीक्षक बृजकिशोर गौतम ने खुद तहरीर लिखवाकर बर्खास्त पूर्व मालखाना प्रभारी राजेन्द्र प्रसाद के खिलाफ 7 दिसंबर को नैनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं हेड मोहर्रिर 2016 में 25 लाख के गबन में बर्खास्त किया जा चुका है।

 

 

गायब रिवाल्वर पप्पू उर्फ रहमत अली की थी। जो कि लाइसेंसी थी। इसे साल 2007 में हत्या और गैंगस्टर के मुकदमे में जब्त किया गया था। रिवाल्वर रिलीज करने के लिए प्रयागराज ऊट ने 5 जुलाई 2023 को आदेश दिया। आदेश का पालन न होने पर पप्पू उर्फ रहमत अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल की।

थाना नैनी के मालखाने का चार्ज मौजूदा हेड मोहर्रिर अशोक कुमार यादव को सौंपने के लिए पूर्व में ही एक टीम बनाई गई थी। इसमें सहायक पुलिस आयुक्त करछना अरुण कुमार त्रिपाठी, प्रतिसार निरीक्षक द्वितीय रिजर्व पुलिस लाइंस प्रवीण कुमार सिंह और नैनी थाना प्रभारी बृजकिशोर गौतम शामिल थे।

3 दिसंबर 2025 को मालखाना खोलने और तलाशी के लिए टीम ने कार्रवाई शुरू की। टीम ने मालखाना खुलवाकर वीडियोग्राफी के साथ तलाशी कराई, लेकिन तलाशी के दौरान रिवाल्वर नहीं मिला।

रिवाल्वर नहीं मिलने पर टीम के सदस्य नैनी थाना प्रभारी बृजकिशोर गौतम ने बर्खास्त मुंशी राजेन्द्र प्रसाद से फोन पर बात की। उस दौरान उसने खुद को बीमार बताया और थाने आ पाने में असमर्थता जताई। यह भी कहा कि रिवाल्वर मालखाने में ही होगा। ढूंढ लीजिए।

तलाशी के बाद भी रिवाल्वर नहीं मिलने पर नैनी थाना प्रभारी ने बर्खास्त मुंशी के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। इसमें लिखा कि तलाशी के दौरान रिवाल्वर न मिलना और राजेन्द्र प्रसाद का व्यवहार यह दशार्ता है कि रिवाल्वर को जानबूझकर नहीं सौंपा गया और उसे गायब कर दिया गया। जो कि अपराध की श्रेणी में आता है।

कोआॅपरेटिव सोसाइटी में हुआ था करोड़ों का गबन

हेड मोहर्रिर राजेंद्र प्रसाद ने जिस मुकदमे में जमा रकम उड़ाई, वह यूनिवर्सल मल्टी स्टेट क्रेडिट कोआॅपरेटिव सोसाइटी में गबन से संबंधित था। 2014 में क्राइम ब्रांच की टीम ने यूनिवर्सल मल्टी स्टेट क्रेडिट कोआॅपरेटिव सोसाइटी के एमडी की शिकायत पर कंपनी के तीन मैनेजरों को हिरासत में लिया। उनके पास से कंपनी का 1.62 करोड़ रुपए बरामद किए थे और रकम नैनी थाने के मालखाने में जमा कराई थी। कंपनी को इनकम टैक्स विभाग से क्लीन चिट मिलने के बाद एमडी कोर्ट के आदेश पर नैनी थाने से रकम रिलीज कराने पहुंचे तो यह पूरा घोटाला सामने आया।

6 सितंबर 2014 को समिति के वाराणसी स्थित कार्यालय से 1.82 करोड़ रुपए लेकर कई कर्मचारी भाग निकले थे। बाद में इन्हें गिरफ्तार कर इनके कब्जे से रकम बरामद की गई। एक कर्मचारी अनूप कुमार के पास से बरामद 24.55 लाख रुपए ट्रेजरी में जमा करा दिए गए, जबकि शेष 1.62 करोड़ रुपए नैनी थाने के मालखाने में जमा कराए गए थे।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts