मात्र तीन घंटे की बारिश में पानी पर तैरता हुआ दिखाई दिया नगर निगम कार्यालय, बारिश से फसलों को फायदा
मेरठ। मंगलवार को जनपद मेरठ और आस-पास के इलाकों में हुई झमाझम बारिश किसानों के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं दिखाई दी। करीब तीन घंटे मूसलाधार बारिश होने के चलते तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। सुबह करीब नौ बजे शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला करीब बारह बजे तक चलता रहा। जिसके चलते ना केवल तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बल्कि, उमसभरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि, शहर के निचले और प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव होने से यातायात धीमा पड़ गया और आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। शहर के अधिकांश इलाकों श्याम नगर, भूमिया का पुल, पिलोखड़ी रोड़, भोपाल की कोठी, ऊंचा सद्दीक नगर, गोला कुआं, खैर नगर, लालकुर्ती, सदर, रजबन, दिल्ली रोड, बागपत रोड़, गंगानगर आदि इलाकों में जलभराव की समस्या गहरा गई। जबकि, मानसून में कहीं भी जलभराव ना होने का दावा करने वाला नगर निगम कार्यालय खुद पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया।
वहीं, मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज यूं ही बना रहेगा और रुक-रुक कर हो रही बारिश शहरवासियों को उमसभरी गर्मी से राहत प्रदान करती हुई दिखाई देगी। बता दें कि, सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। लेकिन, बारिश नहीं हुई। जबकि, उमसभरी गर्मी लोगों को पसीना पसीना करती हुई दिखाई दी। लेकिन मंगलवार को अचानक आई झमाझम बारिश तापमान में गिरावट लेकर आई और इससे लोगों को गर्मी से सुकून मिला। जबकि, ठंडी हवाओं के चलने से वातावरण एकदम ठंडा हो गया है। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो किसानों के लिए यह मानसूनी बारिश फसलों के वास्ते फायदेमंद साबित हो रही है।
राहत के साथ मुसीबत
सुबह से ही हो रही झमाझम बारिश से शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में पानी भर गया। नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और कमजोर जल निकासी व्यवस्था के कारण कई कॉलोनियों में पानी जमा हो गया। जबकि, दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कत हुई है। जिससे नाराज़ शहरवासी नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को कोसते हुए नजर आए।
वाहन चालकों को हुई सबसे ज्यादा परेशानी
दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि, कुछ स्थानों पर वाहन पानी में बंद हो गए। बारिश के चलते लोगों को पता ही नहीं चल रहा था कि, सड़क कहां पर है और गड्ढे कहां। हालांकि, लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश का जमकर आनंद लिया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। उधर, बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी साफ दिखाई दी। किसानों का कहना है कि, समय पर हुई वर्षा से धान, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तथा वृद्धि को लाभ मिलेगा। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। किसानों ने उम्मीद जताई कि यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इस बार खरीफ की फसल बेहतर होने की संभावना है।