HomeCRIME NEWSआईआईएमटी में छात्रा अनु गुप्ता की मौत पर कमिश्नरी का घेराव

आईआईएमटी में छात्रा अनु गुप्ता की मौत पर कमिश्नरी का घेराव

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सुबह से ही एकत्रित होने शुरू हुए अलग-अलग कॉलेजों के छात्र, मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन, पुलिस बल रहा तैनात


शारदा रिपोर्टर मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में एमबीए छात्रा अनु की मौत के मामले ने बुधवार छात्र नेता विजित तालियान के के साथ बड़ी संख्या में छात्रों ने कमिश्नरी पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन देते हुए कहा कि जब तक अनु को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

छात्रों का आरोप था कि मामले में अब तक जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

ज्ञापन में कहा कि प्रथम दृष्टया यह सभी मामले अत्यधिक फीस उगाही से जुड़े हुए लगते हैं। छात्र छात्राओ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न बहानों से अतिरिक्त वसुली और शोषण के बारे में बताया है। इस विश्वविद्यालय के यह मामले अतिरिक्त शुल्क वसली के केवल उदाहरण भर है, यह शोषण निजी संस्थानों द्वारा हर तरफ हो रहा है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक दबाव, प्रशासनिक व्यवहार, अनुशासन व्यवस्था, छात्र कल्याण एवं परामर्श प्रणाली में कहीं न कहीं गंभीर कमियों हो सकती हैं। यदि समय रहते इन परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं गहन जांच नहीं कराई गई, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

आईआईएमटी में 20 मई को एमबीए की छात्रा अनु गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से कैंपस में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। जिसके बाद यूनिवर्सिटी गेट पर धरना-प्रदर्शन हुआ था, जिसमें बाहरी छात्र नेताओं ने भी हिस्सा लिया था। इसके बाद छात्र नेताओं व विवि प्रशासन के बीच करीब एक घंटे बात हुई। जिसके बाद धरना खत्म कर दिया गया था।
छात्रों ने अनु गुप्ता के लिए शोकसभा आयोजित की थी। शोकसभा के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली को लेकर छात्रों और छात्र नेताओं ने नाराजगी जताई थी। छात्र नेताओं का कहना है कि जिस संस्थान में संवेदनाएं खत्म हो चुकी हों और शिक्षा केवल व्यापार बनकर रह गई हो, वहां छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित हो सकता है।
ज्ञापन में उठाई छात्रों ने ये मांगे

आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ में हुई अनु गुप्ता की संदिग्ध मौत के साथ ही पिछले कुछ वर्षों में हुई सभी आत्महत्या की घटनाओं की उच्च स्तरीय न्यायिक अथवा प्रशासनिक जांच कराई जाए। यह जांच की जाए कि कहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही, मानसिक उत्पीड़न, अत्यधिक शैक्षणिक दबाव अथवा अन्य कोई कारण इन घटनाओं के पीछे तो नहीं है।
विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए प्रभावी काउंसलिंग व्यवस्था, हेल्पलाइन एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू कराई जाए। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु राज्य स्तर पर निजी विश्वविद्यालयों के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया जाए। इनकी फीस कम की जाए एवं अतिरिक्त शुल्क वसूली पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

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