ज्ञापन में कहा कि प्रथम दृष्टया यह सभी मामले अत्यधिक फीस उगाही से जुड़े हुए लगते हैं। छात्र छात्राओ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न बहानों से अतिरिक्त वसुली और शोषण के बारे में बताया है। इस विश्वविद्यालय के यह मामले अतिरिक्त शुल्क वसली के केवल उदाहरण भर है, यह शोषण निजी संस्थानों द्वारा हर तरफ हो रहा है।
आईआईएमटी में 20 मई को एमबीए की छात्रा अनु गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से कैंपस में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। जिसके बाद यूनिवर्सिटी गेट पर धरना-प्रदर्शन हुआ था, जिसमें बाहरी छात्र नेताओं ने भी हिस्सा लिया था। इसके बाद छात्र नेताओं व विवि प्रशासन के बीच करीब एक घंटे बात हुई। जिसके बाद धरना खत्म कर दिया गया था।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ में हुई अनु गुप्ता की संदिग्ध मौत के साथ ही पिछले कुछ वर्षों में हुई सभी आत्महत्या की घटनाओं की उच्च स्तरीय न्यायिक अथवा प्रशासनिक जांच कराई जाए। यह जांच की जाए कि कहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही, मानसिक उत्पीड़न, अत्यधिक शैक्षणिक दबाव अथवा अन्य कोई कारण इन घटनाओं के पीछे तो नहीं है।
Related articles
[td_block_social_counter custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_4" header_color="#ea2e2e" f_header_font_family="522" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_style="italic" f_header_font_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNSIsInBvcnRyYWl0IjoiMTQifQ==" youtube="#" style="style10 td-social-boxed td-social-colored" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzIiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3fQ==" facebook="#" manual_count_facebook="14000" manual_count_youtube="6000"]


