Homeउत्तर प्रदेशHastinapurखतरा: भूजल दोहन के साथ भूगर्भ जल हो रहा दूषित

खतरा: भूजल दोहन के साथ भूगर्भ जल हो रहा दूषित

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– कार वॉश केंद्र पर्यावरण और जल संसाधनों के लिए बनते जा रहे हैं गंभीर चुनौती।

शारदा रिपोर्टर हस्तिनापुर। कस्बों में तेजी से बढ़ते कार वॉश केंद्र अब पर्यावरण और जल संसाधनों के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। सुविधा और समय की बचत के नाम पर खुल रहे ये केंद्र कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं, जिससे भूजल, नालों और आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

 

 

विशेषज्ञों के अनुसार एक सामान्य कार वॉश में 150 से 300 लीटर तक पानी खर्च हो जाता है। यदि यह पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के नालों या खुले स्थानों में बहा दिया जाए, तो इसमें मौजूद केमिकल, डिटर्जेंट और तेल के अंश सीधे मिट्टी और जल स्रोतों को प्रदूषित करते हैं। कई कार वॉश केंद्रों में जल पुनर्चक्रण (रीसायक्लिंग) की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि नियमों के तहत इसका होना अनिवार्य है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार कार वॉश केंद्रों को जल उपयोग की सीमा, अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (ईटीपी) और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी व्यवस्थाएं करनी होती हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश केंद्र बिना अनुमति या अधूरी स्वीकृति के चल रहे हैं। कई जगहों पर अवैध बोरवेल के जरिए भूजल का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है, जिससे पहले से ही गिरते जलस्तर की समस्या और गंभीर हो गई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कार वॉश केंद्रों से निकलने वाला गंदा पानी आसपास की नालियों को जाम कर देता है और दुर्गंध फैलाता है। बरसात के मौसम में यही पानी सड़कों पर भर जाता है, जिससे आवागमन भी प्रभावित होता है। पर्यावरण कार्यकतार्ओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका असर आने वाले वर्षों में पीने के पानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा। प्रशासन की ओर से समय-समय पर जांच और कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन कार्रवाई सीमित और अस्थायी साबित हो रही है। नगर पंचायत द्वारा निरीक्षण और पानी की बचत को बढ़ावा देने वाली तकनीकों को अनिवार्य किया जाना चाहिए। तभी कार वॉश केंद्रों से पैदा हो रहे इस पर्यावरणीय खतरे पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

कस्बे के अवैध अतिक्रमण व धुलाई केंद्र संचालकों को नोटिस दिए गए हैं। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। -राजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी, हस्तिनापुर

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