पति-ससुर गिरफ्तार, शव काली नदी में बहाने का आरोप
अलीगढ। गंगीरी थाना क्षेत्र में महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चरित्र पर संदेह के चलते पति और ससुर ने मिलकर महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को काली नदी में बहा दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
मामला 8 जुलाई 2026 को सामने आया था, जब मृतका के भाई ने गंगीरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन को ससुराल पक्ष द्वारा शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और बाद में उसे संदिग्ध परिस्थितियों में गायब कर दिया गया।
जांच के दौरान पति महेश चंद्र शर्मा और ससुर वीरेंद्र प्रसाद लगातार पुलिस को गुमराह करते रहे। लेकिन गहन पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्हें महिला के चरित्र पर शक था, जिसके चलते उन्होंने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को घर से लगभग 700-800 मीटर दूर स्थित काली नदी में बहा दिया। इस काम में महिला के बड़े बेटे और देवर की भी भूमिका सामने आई है। दोनों ने शव को नदी तक पहुंचाने में मदद की थी। 10 अगस्त 2026 को थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पंकज कुमार, कांस्टेबल रवि बाबू और सक्षम की टीम ने महेश चंद्र शर्मा और वीरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घर में रखे एक बक्से से मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले में हत्या की धारा 103(1) इठर और साक्ष्य मिटाने की धारा 238 इठर भी जोड़ दी है।
घटना के करीब 45 दिन बाद भी महिला का शव बरामद नहीं हो सका है। शव की तलाश के लिए पुलिस ने काली नदी में खोज अभियान चलाने हेतु एनडीआरएफ और एसडीआरएफ से सहायता मांगी है।
फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी हुई है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।