आॅटो चालक सुनसान जगह पर ले गया, दो साथियों को बुलाकर की दरिंदगी
प्रयागराज। आॅटो ड्राइवर ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर एसआरएन अस्पताल से दवा लेकर लौट रही महिला से गैंगरेप किया। अस्पताल से लौटते समय वह नए पुल से घूरपुर जाने के लिए टैम्पो में बैठी थी। चालक घूरपुर छोड़ने के बजाय करछना के सुनसान इलाके में ले गया।
महिला के मुताबिक, वहां चालक ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी भाग गए। घटना के बाद महिला तीन थानों के चक्कर लगाती रही, लेकिन एफआईआर चार दिन बाद दर्ज हुई।
अधिकारियों के निर्देश के बाद 28 सितंबर को कीडगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पीड़िता लालापुर की रहने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि उसका पति नौकरी के सिलसिले में बाहर रहता है। 24 सितंबर को वह दवा लेने एसआरएन अस्पताल आई थी। लौटते समय नए पुल से घूरपुर जाने के लिए टैम्पो में बैठी।
महिला ने चालक को बताया कि उसे घूरपुर जाना है। चालक ने उसे वहां छोड़ने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसके बाद वह टैम्पो को घूरपुर की बजाय करछना क्षेत्र के सुनसान स्थान पर ले गया। वहां पहले से मौजूद दो लोगों के साथ मिलकर महिला से दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद महिला शिकायत लेकर कीडगंज, घूरपुर और करछना थाने पहुंची, लेकिन उसका मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद 28 सितंबर को उसने आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर और मेडिकल कराने की मांग की।
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कीडगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। महिला ने शिकायत में बताया कि घटना के बाद से वह दहशत में है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने अभी गिरफ्तार आरोपी की पहचान और उसकी भूमिका की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
थाना प्रभारी दिनेश सिंह से आरोपी की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े सवालों पर जानकारी मांगी गई। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और जांच पूरी होने से पहले इस बारे में कुछ नहीं बताया जा सकता।
पहले भी निलंबित हो चुके हैं इंस्पेक्टर
कीडगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे हैं। करीब चार महीने पहले घूरपुर के सेंधुवार गांव में दो पक्षों के विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची थी। एसीपी स्तर की जांच में प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे थे। इसके बाद इंस्पेक्टर दिनेश सिंह को निलंबित किया गया था।