कारें-बाइकें डूबीं, गलियों में नावें चल रही
नई दिल्ली। यूपी के कई शहरों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रयागराज की कॉलोनियों में 3 से 4 फीट तक पानी भरने से कारें-बाइकें डूब गई हैं। कई घरों के ग्राउंड फ्लोर डूब गए हैं। लोग पहली मंजिल पर रहने को मजबूर हैं। पुलिस और ठऊफऋ की टीमें नावों से लोगों का रेस्क्यू कर रही है।
वहीं, ओडिशा के केंद्रापाड़ा में 312 छात्र और 10 शिक्षक दो दिन से स्कूल में फंसे हैं। कुलसाही गांव के सरकारी रउ/रळ आवासीय आश्रम स्कूल का ग्राउंड फ्लोर ब्राह्मणी नदी के पानी में डूब गया है। स्कूल चारों तरफ से करीब 10 फीट पानी से घिरा है और तेज बहाव के कारण अब तक रेस्क्यू टीम वहां नहीं पहुंच सकी है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश में इस मानसून 187 लोगों की मौत हो चुकी है। 30 जून से 16 अगस्त के बीच 79 मौतें बाढ़, लैंडस्लाइड, डूबने और करंट जैसी प्राकृतिक आपदाओं में हुईं, जबकि 107 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। राज्य में 294 लोग घायल और 31 अब भी लापता हैं।
प्रयागराज में देर रात से हो रही बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। करेली इलाके की कॉलोनियों और गलियों में 3-4 फीट तक पानी भर गया है। कारें और बाइकें डूब गई हैं। लोग पहली मंजिल पर रहने को मजबूर हैं।
गलियों में नावें चल रही हैं। पुलिस और ठऊफऋ की टीम लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। संभल में सरकारी अस्पताल के बाहर एक फीट पानी भर गया है। सीतापुर और रायबरेली में बारिश की वजह से स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
लखनऊ में 3 घंटे से हो रही तेज बारिश की वजह से कई इलाकों में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गई हैं। यहां रविवार को इस सीजन में एक दिन में सबसे ज्यादा 40.9 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है।
इधर, यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। कानपुर-उन्नाव में गंगा किनारे बसे इलाके जलमग्न हो गए हैं। 500 से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। सड़कों और गलियों में नावें चल रही हैं। लोग छतों पर जिंदगी काटने को मजबूर हैं।
चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। रामघाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। वाराणसी में घाट के किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिरों में पानी घुस गया है। रत्नेश्वर महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर 70% तक डूब गए हैं।