– जिला जज के ट्रांसफर के कारण आगे बढ़ी डेट, मई अंत तक आ सकता है फैसला
शारदा रिपोर्टर मेरठ। चर्चित नीला ड्रम केस में अब 20 मई से फाइनल बहस शुरू होगी। इस फाइनल बहस में बचाव और आरोपी दोनों पक्षों के वकील अपनी अपनी दलीलें देंगे। इस केस में 12 मई को फाइनल बहस की तारीख लगी थी। लेकिन पहले वकीलों की हड़ताल हो गई, इसके बाद डीजीसी ने एक दिन का समय मांग लिया इसके चलते बहस की सुनवाई 14 मई तक टल गई।

14 मई को बहस शुरू होनी थी लेकिन उसी दिन जिला जज अनुपम कुमार का तबादला मिजार्पुर हो गया। जिला जज का ट्रांसफर होने के कारण केस में अगली सुनवाई की तारीख नहीं लग पाई। अब 20 मई को बहस शुरू होगी। इससे पहले नए जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा 18 मई को चार्ज लेंगे। इसके बाद 20 से फाइनल बहस चालू होगी।
सौरभ की तरफ से अभियोजन पक्ष के वकील, डीजीसी केके चौबे बहस करेंगे। वो दलील देंगे। उनके साथ सौरभ का केस लड़ने वाले निजी वकील सीनियर एडवोकेट विजय बहादुर सिंह व उनकी टीम भी शामिल रहेगी। वहीं दूसरी ओर सरकारी वकील रेखा जैन रहेंगी। विपक्ष में रेखा जैन हैं।
रेखा जैन को मुस्कान-साहिल का केस लड़ने के लिए सरकार ने तय किया है। क्योंकि मुस्कान-साहिल दोनों ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की थी कि उन्हें अपना केस लड़ने के लिए सरकारी वकील दिलाया जाए। क्योंकि उनके पास अपना वकील नहीं है। इसके बाद सरकार ने रेखा जैन को उनका केस अलॉट किया था।
10 दिन तक चल सकती है फाइनल बहस: जिला जज की कोर्ट में रोजाना जमानत व अन्य केसों की सुनवाई के बाद फ्री आॅवर्स में सौरभ मर्डर केस की बहस चलेगी। रोजाना 2 घंटे इस केस पर बहस होगी। माना जा रहा है कि बहस 7 से 10 दिन तक चल सकती है। जिसमें पीड़ित और बचाव पक्ष दोनों अपनी-अपनी दलीलें देंगे। ताकि वो केस में अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए केस जीत सकें।
मुस्कान-साहिल को सजा वाले दिन आना होगा कोर्ट: फाइनल बहस पूरी होने के बाद इसकी समरी जिला जज के समक्ष रखी जाएगी। फाइनल बहस खत्म होने के लगभग 7-10 दिन बाद केस में अदालत अपना फैसला सुनाएगी। जिस दिन आरोपित मुस्कान-साहिल को सजा होगी। फाइनल बहस में मुस्कान-साहिल को कोर्ट में नहीं बुलाया जाएगा। जरुरत के अनुसार उन्हें जेल से ही आॅनलाइन वीसी के जरिए बहस में जोड़ा जाएगा। इस बहस में केवल दोनों पक्षों के वकील ही अपनी रिपोर्ट रखेंगे।
मई लास्ट में होगी सजा
बहस पूरी होने के बाद सजा वाले दिन मुस्कान-साहिल को कोर्ट में बुलाया जाएगा। क्योंकि आरोपी को नियमानुसार 3 बार कोर्ट में पेश होना अनिवार्य है। सबसे पहले जब उस पर आरोप लगते हैं और उसे जेल भेजा जाता है। तब कोर्ट में सजीव बयान होते हैं। दूसरा 313 की कार्यवाही और अंत में सजा वाले दिन आरोपितों को सशरीर कोर्ट में उपस्थित होना पड़ता है। अन्य हियरिंग्स में वो आॅनलाइन जुड़ सकता है। इसलिए मुस्कान-साहिल को भी अब सजा वाले दिन ही कोर्ट में बुलाया जाएगा। माना जा रहा है कि मई अंत से लेकर जून पहले सप्ताह में केस में फैसला आ जाएगा।



