– जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा जनपद के अति संवेदनशील इलाकों पर ज्यादा फोकस।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को डेंगू बुखार, उसके लक्षण और बचाव के प्रति जागरूक करना है। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, और मानसून के दौरान इसके मामले तेजी से बढ़ते हैं। इसको लेकर मेरठ का मलेरिया विभाग अपनी तैयारियों के दावे कर रहा है।

आगामी सीजन डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों के लिए मुफीद है। ऐसी बीमारियों से शुरूआती स्थिति में ही बचा जा सकता है ,इसलिए संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए मलेरिया विभाग इस साल तैयारी के साथ मैदान में उतर रहा है। विश्व डेंगू दिवस पर विभाग की ओर से शहर और गांव में कार्यक्रम चलाया जाएगा अति संवेदनशील इलाकों में विशेष ध्यान रखने के दावे भी किया जा रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि जागरूकता या प्रचार प्रसार के लिए सालाना 25000 रुपए मिलते हैं। जिसमें सिर्फ पंपलेट और पोस्टर आदि ही लगा पाते हैं। इन्हीं माध्यमों से और पुराने आंकड़ों के अनुसार अति संवेदनशील इलाके देखते हुए लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता है।
उन्होंने बताया कि शहर और देहात को मिलाकर सालाना लगभग 400 लीटर एंटी लारवा हमें मिलता है जिसे हम नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम द्वारा क्षेत्र में स्प्रे करवाते हैं । इसके साथ-साथ हमारे पास एंटी फागिंग के लिए भी दवा आती है इसको भी हम अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर छिड़काव कर पाते हैं।
एंटी लार्वा हमारे पास दो तरह की आती है एक पॉलिटेड वाटर एक नान पॉलिटेड वाटर के लिए। जो पॉलिटेड वाटर है उसके लिए टेमीफास आती है जिसको 2.5 एमएल 10 लीटर पानी में मिला कर नालियों में सप्ताहिक छिड़काव किया जाता है। इसको लगातार नहीं कराया जाता है नहीं तो वह जो लार्वा है वह रजिस्टेंट हो जाएगा रजिस्टेंट हो जाएगा तो वह मरेगा नहीं। इसके साथ ही साफ पानी के लिए बीटीआई है जिसको 70 एमएल 10 लीटर पानी में डालकर और साफ पानी में उसका छिकाव किया जाता है जहां पर साफ पानी भरा होता है।



