बेकाबू होकर चार घरों को तोड़ा, नाले में पलटा, ग्रामीणों ने किया हाइवे जाम
मिर्जापुर। बेकाबू कंटेनर ने घर के बाहर सो रहे पिता-पुत्र को रौंद दिया। इसके बाद अनियंत्रित कंटेनर चार मकानों को तोड़ता हुआ नाले में पलट गया। पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नाबालिग बेटे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
हादसा बुधवार देर रात 2:30 बजे उस वक्त हुआ, जब पिताझ्रपुत्र घर के बाहर बने टीन शेड के नीचे सो रहे थे। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने प्रयागराजझ्रमिजार्पुर नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। नाबालिग बेटी ने आरोप लगाते हुए कहाझ्र जानकारी के एक घंटे बाद एंबुलेंस आई। अस्पताल पहुंचने पर 10 मिनट बाद डॉक्टर पहुंचे। अगर समय से इलाज मिलता तो मेरा भाई बच जाता।
फिलहाल पुलिस परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है। घटना जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर विंध्याचल थाना क्षेत्र के गैपुरा चौराहे के पास की है। प्रयागराज-मिजार्पुर एनएच पर विंध्याचल थाना क्षेत्र के गैपुरा चौराहे के पास शिव प्रसाद गुप्ता (35) अपने परिवार के साथ रहते थे। कबाड़ का छोटा कारोबार कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी मंजू (32), बेटी दिव्या (15) और बेटा राहुल (13) हैं।
बुधवार रात खाना खाने के बाद मंजू और बेटी दिव्या कमरे के अंदर सोने चली गईं, जबकि शिव प्रसाद और राहुल घर के सामने बने टीन शेड के नीचे सो गए। मध्य रात्रि करीब 2:30 बजे तेज रफ्तार सीमेंट लदा कंटेनर (टऌ 19 ेद 9901) अनियंत्रित होकर चार मकानों को तोड़ता हुआ सीधे उनके घर में घुस गया और फिर सड़क किनारे बने नाले में पलट गया।
शिव प्रसाद कंटेनर की चपेट में आने से मौके पर ही दम तोड़ बैठे। वहीं राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे से दोनों को बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस को सूचना दी। पर एंबुलेंस करीब एक घंटे की देरी से गुरुवार तड़के करीब 3:45 बजे पहुंची। घायल राहुल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सर्रोई ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना पर सीओ सिटी अमित कुमार, विंध्याचल थाना प्रभारी अजीत कुमार, गैपुरा चौकी प्रभारी सुरेश चंद्र द्विवेदी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कंटेनर चालक दुर्घटना के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया।
हादसे के समय पत्नी मंजू और बेटी दिव्या घर के अंदर कमरे में सो रही थीं, इसलिए उनकी जान बच गई। लेकिन एक ही रात में पति और इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फरार कंटेनर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। साथ ही पीड़ित परिवार को शासन स्तर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
ग्रामीणों ने किया एनएच-45 जाम
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रयागराज-मिजार्पुर राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर जाम लगा दिया। उनकी मांग है कि दुर्घटनास्थल पर डिवाइडर को और ऊंचा किया जाए तथा उस पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, जिससे रात में वाहन चालकों को स्पष्ट संकेत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाईवे के किनारे नाला नहीं होता तो कंटेनर और आगे बढ़कर कई अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकता था, जिससे जनहानि और अधिक होती। हादसे के बाद प्रशासन ने कंटेनर हटाने के लिए क्रेन बुलवाई, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध करते हुए क्रेन को वापस लौटा दिया। उनका कहना था कि पहले उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाए, उसके बाद ही वाहन हटाया जाए।