– लैपटॉप में दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े वीडियो मिले।
नोएडा। एसटीएफ ने बुधवार को एक फर्जी रॉ अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुमित कुमार के लैपटॉप में दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े वीडियो मिले हैं। दरअसल, दिल्ली में कार धमाके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में है। संदिग्धों की जांच की जा रही है। इस दौरान ग्रेटर नोएडा से इनपुट मिला। टीम ने पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी (ग्रेटर नोएडा) में छापा मारा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी खुद को कभी मेजर अमित और कभी खुद को रॉ का बड़ा अधिकारी बताकर अलग-अलग सोसाइटी में रहता था। उसने एक फर्जी कंपनी भी बनाई थी, जिसमें गलत तरीके से निवेश करवाया जा रहा था। कंपनी से संबंधित दस्तावेज भी एसटीएफ ने बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ (नोएडा यूनिट) राजकुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी के पास से 10 से ज्यादा रेंट एग्रीमेंट मिले हैं। वह एनसीआर में अलग-अलग जगहों पर नाम बदल-बदलकर रहता था। ग्रेटर नोएडा में करीब एक साल से रह रहा था।
आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी आईडी, चेक बुक, फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन लेटर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुए हैं। हालांकि, उसका दिल्ली ब्लास्ट से कोई लिंक है या नहीं, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है।
फर्जी आईडी कार्ड से खुली पोल
अरढ एसटीएफ (नोएडा यूनिट) ने बताया कि मंगलवार रात उप निरीक्षक अक्षय परमवीर कुमार त्यागी और उनकी टीम को सूचना मिली कि ग्रेटर नोएडा में कोई फर्जी रॉ अफसर बनकर रह रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ही टीम सोसाइटी में पहुंची। जब हम फ्लैट के बाहर पहुंचे, तो दरवाजा वहां काम करने वाली एक महिला ने खोला।
इसी बीच एक व्यक्ति वहां पर आ गया। उसने अपना नाम सुमित कुमार पुत्र स्वर्गीय बृजनंदन शाह बताया। उसके हाथ में पकड़े हुए पर्स की तलाशी ली गई तो उसमें ‘कैबिनेट सेक्रेट्रिएट गवर्नमेंट आफ इंडिया’ का आई-कार्ड मिला।
कार्ड पर सुमित कुमार आईसी 7623 बी, रैंक- जॉइंट सेक्रेटरी और डेजिगनेशन डायरेक्टर (आॅपरेशन), जेआईसी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल लिखा था। इसके अलावा कार्ड पर सर्विस रिसर्च एंड एनेलसिस सर्विस का भी जिक्र था। कार्ड पर उसकी जन्मतिथि 25 मार्च 1988 लिखी हुई थी।
दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित वीडियो मिला
आरोपी के घर तलाशी ली गई। उसके लैपटॉप में दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित वीडियो मिले। वीडियो में क्या है। इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही आगे की जांच जारी है।
शक पर रॉ ने किया कन्फर्म
शक होने पर एसटीएफ ने रॉ के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। जब वे लोग मौके पर आए तो उन्होंने जांच की। पता चला कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके विभाग में काम नहीं करता है। जो आई कार्ड उसके पास से बरामद हुआ, वह फर्जी निकला।
फ्लैट ओनर को नाम मेजर अमित कुमार बताया
एसटीएफ ने फ्लैट की मालकिन मंजू गुप्ता से संपर्क किया। मंजू गुप्ता ने बताया कि किराएदार ने खुद को मेजर अमित कुमार बताया था। पुलिस वेरिफिकेशन लेटर भी दिया था। दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर के लेटर हैड पर मेजर अमित कुमार के नाम का लेटर हमारे पास है। उन्होंने एसटीएफ को वेरिफिकेशन की कॉपी वॉट्सऐप से रळऋ को भेजी।
ये हुआ बरामद
इसके पास से काफी फर्जी अभिलेख बरामद हुए हैं। इनमें दो फर्जी आईडी, 20 चेक बुक, दिल्ली पुलिस का फर्जी वेरिफिकेशन लेटर, 8 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, एक डायरी, 17 एग्रीमेंट, 5 पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, तीन वोटर आईडी कार्ड, दो वोटर आईडी कार्ड, दो कंपनी संबंधित रजिस्ट्रेशन कागजात, आईटीआर के कागजात, बैंक स्टेटमेंट, 3 लैपटॉप, दो टैबलेट आदि बरामद शामिल हैं।

