शारदा रिपोर्टर मेरठ। सदर तहसील में भूमि संबंधी एक बड़े फजीर्वाड़े का खुलासा हुआ है। यहां लगभग 20 वर्ष पहले मृत हो चुके दो व्यक्तियों की 380 वर्ग मीटर जमीन को कागजों में जीवित दिखाकर बेच दिया गया। हैरानी की बात यह है कि यह भूमि राजस्व अभिलेखों में भी खरीदार के नाम दर्ज हो गई थी।
यह पूरा मामला परतापुर थानाक्षेत्र के काजमाबाद गून गांव का है। गांव निवासी ओमप्रकाश और सुंदर की मृत्यु करीब 20 वर्ष पूर्व हो चुकी थी। आरोप है कि गांव के ही सुरेंद्र सिंह ने इन दोनों मृतकों के स्थान पर अन्य अज्ञात व्यक्तियों (फर्जी गवाह और डमी मालिक) को उप-रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रस्तुत किया।
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