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Tuesday, January 13, 2026
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HomeGhaziabadयूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, नकली नोटों के सप्लायर गिरफ्तार

यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, नकली नोटों के सप्लायर गिरफ्तार

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– मास्टरमाइंड 12वीं पास है, नकली नोट, क्रिप्टो और गेमिंग ऐप से कुछ महीनों में करोड़ों ठगे।

गाजियाबाद। ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यूपी एसटीएफ ने गैंग के कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग 10 लाख रुपए के बदले 15 लाख रुपए तक देने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर चुका है।

इसके साथ आॅनलाइन गेमिंग ऐप के लिए बैंक अकाउंट और क्रिप्टो करेंसी लेन-देन पर भी करोड़ों ठग चुका है। गैंग के सदस्य इतने शातिर हैं कि हर हफ्ते ही किराए का कमरा लेकर बदल लेते थे। इनके पास से 100 से ज्यादा बैंक अकाउंट मिले हैं। 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।

ऐसा गैंग दिल्ली-एनसीआर में पहली बार पकड़ा गया है। गैंग का यूपी एसटीएफ की टीम ने खुलासा किया है। 11 सितंबर की पूरी रात गाजियाबाद में अलग-अलग जगहों पर रेड डालकर कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस गैंग का मास्टरमाइंड शुभम राज है। वो बिहार का रहने वाला है। वह 12वीं तक पढ़ा है। इस गैंग के पास से करीब 25.6 लाख रुपए कैश बरामद हुआ है। भारी मात्रा में कागज के नकली नोट और नोट गिनने की मशीन भी मिली है।

एसटीएफ से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपी को गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के गौड़ सिद्धार्थम अपार्टमेंट से पकड़ा गया।आरोपी किराये पर कमरा लेकर वहां रह रहा था। पिछले एक हफ्ते से ठगी का नेटवर्क चला रहा था। शुभम राज ने खुद को एक आईटी कंपनी का इंजीनियर बताकर किराए पर कमरा लिया था।

जिस ब्रोकर से कमरे लिया था, वही फर्जी डॉक्यूमेंट बनाता था। हर बड़ी डील के लिए वो किराए पर नए-नए कमरे दिलवाता था। इन कमरों के बाथरूम में कुछ बदलाव कराकर पैसों की ठगी के दौरान इस्तेमाल करते थे।

दरअसल, जब नकली नोट देना होता था तो क्लाइंट को उसी कमरे में बुलाते थे। रुपए से भरे बैग लेकर एक चादर फैलाकर उसी पर पहले 200-100 रुपए के असली नोट मशीन से गिनते थे।
इसके बाद उसे बाथरूम से बनाए सीक्रेट रास्ते से धीरे से नकली नोट बदल देते थे। फिर क्लाइंट के बैग में पहले कुछ असली नोट और बीच में भारी मात्रा में नकली नोट या कागज की सिर्फ गड्डियां लगा देते थे।

इसके बाद ऊपर से कुछ असली नोट रखकर सीधे भेज देते थे। जैसे ही क्लाइंट बाहर चला जाता था। उसके बाद ये भी कमरा तुरंत छोड़ देते थे। और फरार हो जाते थे। ये गैंग कई महीनों से दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार में सक्रिय था।

ये खासतौर पर कम से कम 10 लाख की डील करते थे। या इससे ज्यादा की डील करते थे। 10 लाख के बदले 15 लाख देते थे। इनके पास से भारी मात्रा में नोटों की गड्डियां और नोट गिनने वाली मशीनें भी मिली हैं। पुलिस ने इसमें किराए पर कमरा दिलाने वाले ब्रोकर को भी गिरफ्तार किया है।

 

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