– गांव में घूमता हुआ झाड़ियों में छिपा, दो घंटे की मशक्कत के बाद पकड़े गंगा में छोड़ा।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। हस्तिनापुर क्षेत्र के चामरौद गांव में शनिवार देर रात सड़क पर एक विशाल मगरमच्छ दिखने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर गंगा नदी में छोड़ दिया गया।

रात करीब 12 बजे ग्रामीणों ने सड़क पर मगरमच्छ देखे जाने की सूचना दी। टीम जब मौके पर पहुंची तो मगरमच्छ झाड़ियों में छिप गया, जिससे रेस्क्यू आॅपरेशन चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बाद टीम ने झाड़ियों की कटाई कर इलाके की घेराबंदी की और धीरे-धीरे उसे नियंत्रित किया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मगरमच्छ पूरी तरह वयस्क और आक्रामक था। पीछे से पकड़ना संभव नहीं था, इसलिए टीम को सामने से ही बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू करना पड़ा। ऐसे आॅपरेशन काफी जोखिम भरे होते हैं, क्योंकि मगरमच्छ अचानक हमला कर सकता है।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में कर लिया। यह मगरमच्छ लगभग 2.25 मीटर (करीब 7 फीट) लंबा और 150 किलोग्राम वजनी था। रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित रूप से गंगा नदी में छोड़ दिया गया।
मार्श क्रोकोडाइल प्रजाति का था मगरमच्छ
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय के अनुसार पकड़ा गया मगरमच्छ नर प्रजाति का मार्श क्रोकोडाइल था। यह प्रजाति नदियों, तालाबों और दलदली क्षेत्रों में पाई जाती है और आमतौर पर मछलियों, पक्षियों व छोटे जीवों का शिकार करती है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी का पारिस्थितिकी तंत्र जैव विविधता से समृद्ध है, जहां मगरमच्छ, घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, कछुए और कई जल पक्षी पाए जाते हैं। वन विभाग द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण और रेस्क्यू के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

