– शारिक साटा ने विदेशी हथियारों से करवाई थी फायरिंग, 2.31 करोड़ है जमीन की कीमत।
संभल। हिंसा के आरोपी शारिक साटा की जब्त की गई जमीन पर पुलिस क्षेत्राधिकारी असमोली का आॅफिस बनेगा। 200 वर्गमीटर में बनी साटा के मकान को पुलिस ने बुलडोजर से जमींदोज कर दिया था। संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जिले में पुलिस क्षेत्र का नए सिरे से परिसीमन कर एक नया सर्किल बनाया गया है।
नए सर्किल की आॅफिस को बनवाने के लिए जमीन चिंहित कर जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस जमीन की कीमत 2 करोड़ 31 लाख रुपए बताई जा रही है। शारिक साटा विदेश में है।
संभल हिंसा की एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार, शारिक ने विदेश में बैठकर अपने गुर्गों से विदेशी हथियारों से फायरिंग कराई थी। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी। संभल हिंसा में पुलिस पर भी जानलेवा हमला किया गया था।
नखासा क्षेत्र के हिंदूपुरा खेड़ा पुलिस चौकी के पास शारिक साटा की 200 वर्ग मीटर की प्रॉपर्टी थी। बताया जा रहा है कि यह प्रॉपर्टी शारिक साटा ने अवैध कमाई से अर्जित की थी। संभल हिंसा में नाम आने के बाद कोर्ट के आदेश पर इस जमीन को जिला प्रशासन ने 20 अप्रैल को जब्त कर लिया था।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि जामा मस्जिद सर्वे हिंसा के बाद जिले के सिक्योरिटी स्ट्रक्चर को नए सिरे से तैयार किया गया है। इसी के तहत असमोली सीओ आॅफिस को हिंदूपुरा खेड़ा क्षेत्र में बनाने का फैसला किया गया है। नए सीओ आॅफिस के लिए भगोड़े शारिक साटा की जब्त जमीन का सेलेक्शन किया गया है।
पुलिस ने इसे सीओ कार्यालय के लिए स्थायी आवंटन का प्रस्ताव भेजा है। यह जमीन संभल-हसनपुर मुख्य मार्ग पर है। सर्किल क्षेत्र के लोग यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। पुलिस कप्तान ने बताया कि नए सीओ आॅफिस से बनने से संवेदनशील इलाके में मॉनिटरिंग और कंट्रोलिंग आसान हो जाएगी। इससे स्थानीय पुलिस बल की तैनाती और नियंत्रण और बेहतर हो सकेगा।
24 नवंबर 2024 को हुई थी हिंसा, शारिक था मुख्य साजिशकर्ता
संभल में 24 नवम्बर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा भड़की थी। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। चार मामलों में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। 5वें मृतक के परिजन ने बिना कार्रवाई के शव को दफना दिया था। इस हिंसा में शारिक साटा का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी जांच में यह खुलासा हुआ था कि शारिक ने विदेश में बैठकर अपने गुर्गों मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस से विदेशी हथियारों से फायरिंग करवाई थी। जांच के बाद एसआईटी ने तीनों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था।


