– शोभायात्रा में फरसे के वीडियो पर विवाद पर बोले राष्ट्रीय भूमिहार ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। परशुराम जयंती की शोभायात्रा के दौरान एक युवक के फरसे के साथ वीडियो वायरल होने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में राष्ट्रीय भूमिहार ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा है कि भगवान के प्रतीकात्मक चिन्ह को लेकर चलना कोई अपराध नहीं है। त्यागी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरसा भगवान परशुराम का प्रमुख प्रतीकात्मक चिन्ह है, जो उनकी पहचान और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में शोभायात्रा में इसे लेकर चलने वाले श्रद्धालु को गलत नहीं ठहराया जाना चाहिए।

यह घटना रविवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से निकली भगवान परशुराम जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुई। इस भव्य शोभायात्रा में कई श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए थे, जिनमें कुछ युवक हाथों में फरसा लिए चल रहे थे। इसी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया।
मांगेराम त्यागी ने जोर देकर कहा कि यदि भगवान के जन्मोत्सव पर उनके प्रतीकात्मक चिन्ह भी नहीं लेकर चलेंगे तो ऐसे आयोजनों का महत्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने लोगों से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और अनावश्यक विवादों से बचने की अपील की।
त्यागी ने फरसा लेकर चलने वालों पर मुकदमे दर्ज करने की बात की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज झुकने वाला नहीं है, चाहे तस्करा डाला जाए या एफआईआर लिखी जाए। उन्होंने शोभायात्रा के दौरान डीएसपी और इंस्पेक्टर द्वारा की गई घोषणाओं की भी आलोचना की।

