गांधी नगर: शिव मंदिर परिसर में आस्था के प्रतीक पूजनीय पीपल के पेड़ को काटे जाने से श्रद्धालुओं में आक्रोश
मेरठ:पितृ पक्ष के पवित्र दिनों में सनातन आस्था को ठेस पहुँचाने वाला एक मामला सामने आया है। गांधी नगर स्थित शिव मंदिर—जहाँ साईं बाबा का मंदिर भी स्थित है—के प्रांगण में बरसों से खड़े और पूजनीय पीपल के पेड़ को कथित तौर पर कटवा दिए जाने से स्थानीय नागरिकों और भक्तों में भारी गुस्सा है।
श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र था पेड़
स्थानीय रहवासियों के अनुसार, यह पीपल का पेड़ केवल एक पौधा या साधारण पेड़ नहीं था, बल्कि इलाके के लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र था। पितृ पक्ष के इन दिनों में विशेष तौर पर लोग इस पीपल के पेड़ के नीचे पूजा-अर्चना करने, जल चढ़ाने और अपने पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करने आते थे। पेड़ के कटने से सुबह-शाम पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
पर्यावरण और नियमों को ताक पर रखने के आरोप
पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां सरकार और प्रशासन अधिक से अधिक पौधे लगाने और पेड़ों के संरक्षण पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक स्थलों पर इस तरह हरे-भरे और पूजनीय पेड़ों का काटा जाना गंभीर चिंता का विषय है। लोगों का सवाल है कि बिना किसी ठोस कारण या प्रशासनिक अनुमति के मंदिर परिसर जैसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थल से इस विशाल पेड़ को कैसे हटाया जा सकता है।
प्रशासन और मंदिर समिति से जांच की मांग
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के कई लोग मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही, यह पता लगाया जाए कि यह पेड़ किसकी शह या लापरवाही से काटा गया है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

