Homeउत्तर प्रदेशMeerutब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बिक रहे थे नकली तार

ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बिक रहे थे नकली तार

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12 लाख से ज्यादा का माल जब्त, पांच कंपनियों के 351 बंडल मिले


शारदा रिपोर्टर मेरठ। मंगलवार सुबह ब्रांडेड कंपनियों के नाम से पैक किए गए नकली बिजली के तार पकड़े गए हैं। मुंबई की एक प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी की शिकायत पर टीपीनगर पुलिस ने कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान 351 बंडल मिले। जांच में सभी तार नकली मिले।

इस मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद माल की कीमत 12 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई है। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान सरधना के खेड़ा गांव निवासी मोहित शर्मा के रूप में बताई।

मुंबई की आईपी इन्वेस्टिगेशन एंड डिटेक्टिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के फील्ड मैनेजर ललित कुमार ने बताया कि उनकी एजेंसी पैनासोनिक, वी-गार्ड, पॉलीकैब, क्रॉम्पटन, गोल्ड मेडल समेत कई बड़ी इलेक्ट्रिकल कंपनियों के नकली उत्पादों की जांच करती है। सूचना मिली थी कि मेरठ में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली बिजली के तार सप्लाई किए जा रहे हैं। इसके बाद एजेंसी ने जांच शुरू की और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस और एजेंसी की टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में छापेमारी की। यहां एक युवक बिजली के तारों के बंडलों के साथ मिला। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सरधना के खेड़ा गांव निवासी मोहित शर्मा बताया। उसके पास से पांच बोरे बरामद हुए। जब उनकी जांच की गई तो सभी में रखे बिजली के तार नकली निकले। मोहित न तो माल का कोई बिल दिखा सका और न ही यह बता पाया कि वह इसे कहां से लेकर आया था।

जांच में पांचों बोरों से कुल 351 बंडल मिले। इनमें गोल्ड मेडल के 69, वी-गार्ड के 71, पॉलीकैब के 74, क्रॉम्पटन के 66 और एंकर के 71 बंडल शामिल हैं। सभी बंडलों की पैकिंग असली कंपनियों जैसी थी। इन्हें देखकर आम ग्राहक के लिए असली और नकली में फर्क करना आसान नहीं था।

शुरूआती पूछताछ में सामने आया कि मोहित यह माल दिल्ली से खरीदकर लाता था। एक बंडल उसे करीब 700 रुपए में मिलता था। वहीं से कंपनियों जैसे दिखने वाले खाली डिब्बे भी खरीद लिए जाते थे। मेरठ लाकर इन्हीं डिब्बों में तारों की पैकिंग की जाती थी। इसके बाद यह माल परिचित दुकानदारों को 1000 से 1200 रुपए प्रति बंडल में बेचा जाता था। दुकानदार इन्हें 2200 से 2300 रुपए तक में ग्राहकों को बेच देते थे।

आईपी इन्वेस्टिगेशन एंड डिटेक्टिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर टीपीनगर थाने में मोहित शर्मा के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी बोरों की सैंपलिंग कर उन्हें सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।

पहले भी इसी इलाके से पकड़ा गया था नकली सामान
ललित कुमार ने बताया कि अगस्त 2025 में भी ट्रांसपोर्ट नगर इलाके से ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बेचे जा रहे नकली मिक्सर-ग्राइंडर बरामद किए गए थे। एक बार फिर उसी इलाके से नकली सामान मिलने के बाद एजेंसी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की। ललित कुमार ने बताया कि असली और नकली पैकिंग में बारीक अंतर होता है। असली पैकिंग का कलर कॉम्बिनेशन साफ होता है और कंपनी का नाम थ्री-डी इफेक्ट में उभरा होता है। नकली पैकिंग में इसकी नकल करने की कोशिश की जाती है, लेकिन फिनिश वैसी नहीं होती। उन्होंने लोगों से अधिकृत दुकानों से ही सामान खरीदने और खरीदारी के बाद पक्का बिल लेने की अपील की।

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