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Wednesday, February 4, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutपार्षदों से मारपीट में जनप्रतिनिधियों के आने से भाजपा बैकफुट पर

पार्षदों से मारपीट में जनप्रतिनिधियों के आने से भाजपा बैकफुट पर

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– नगर निगम बवाल को लेकर शुरू हुई राजनीति
– कांग्रेस, सपा, बसपा और रालोद के साथ ही आजाद समाज पार्टी ने बोला हल्ला
– दोनों पार्षदों ने कोतवाली थाने में दी है एमएलसी और राज्यमंत्री के खिलाफ तहरीर


अनुज मित्तल (समाचार संपादक) |

मेरठ। नगर निगम में बवाल अब आम बात हो गई। लेकिन शनिवार को साल की अंतिम बैठक में जो हुआ, वह नगर निगम बोर्ड बैठक के पन्नों में एक कलंक गाथा लिख गया। पार्षदों के बीच हुए विवाद में एमएलसी और राज्यमंत्री का आना और थप्पड़ मारते हुए वीडियो वायरल होने के बाद जहां सभी विपक्षी दलों ने एक राय होकर हल्ला बोल दिया है, वहीं भाजपा बचाव की मुद्रा में आ गई है। भाजपा अब इसे महिला पार्षद से अभद्रता का रूप दे रही है, तो विपक्षी दल इसे भाजपा की दलित विरोधी कुंठित राजनीति बता रहे हैं।

ये था मामला

शनिवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षद रेखा सिंह ने गृह कर वसूली के मुद्दे पर कहा कि निगम कर्मचारी सिर्फ हिंदू मोहल्लों में ही जाकर वसूली का दबाव क्यों बनाते हैं? मुस्लिम इलाकों में क्यों नहीं जाते। इसका विरोध कुछ सपा और बसपा पार्षदों ने किया। जिस पर मामला इतना बढ़ा कि भाजपा और विपक्ष के पार्षद आमने सामने आ गए। इस बीच बोर्ड के पदेन सदस्य एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज भी मीटिंग में पहुंचे और विवाद के बीच निपटारे का प्रयास करने लगे। जिस पर एक विपक्षी दल के पार्षद ने उन्हें धक्का दे दिया।

 

मेरठ: नगर निगम की बोर्ड बैठक में चले लात घूंसे

 

इसके बाद सदन में जमकर लात घूंसे चलने शुरू हो गए और सभी लोग मीटिंग हाल से निकलकर बाहर आ गए। जहां पर पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने एक पार्षद आशीष को घेर लिया, जब उसे छुड़ाने के लिए पार्षद कुलदीप आया तो उसे भी पीटा गया। मामला उस समय गंभीर हो गया, जब एमएलसी धर्मेद्र भारद्वाज और राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने भी थप्पड़ लगाए। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की मौजूदगी में हुआ। पुलिस कर्मी किसी तरह दोनों को निकालकर थाने ले आए ।

एमएलसी और राज्यमंत्री के खिलाफ दी गई है तहरीर

इस पूरे प्रकरण में पार्षद आशीष और कुलदीप की तरफ से कोतवाली थाना में भाजपा के कई पार्षदों सहित एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज और राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर के खिलाफ तहरीर दी गई है। दोनों पर ही मारपीट और जातिसूचक शब्द करते हुए अपमानित करने का आरोप लगाया है।

शुरू हो गई राजनीति

इस मामले में शाम से ही राजनीति गहरा गई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहां रात में ट्विट कर घटना की निंदा करते हुए इसे भाजपाइयों की गुंडागर्दी बताया। वहीं रात में पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दोनों पीड़ित पार्षदों से उनके घर जाकर मुलाकात करने के बाद बयान दिया कि यह खुलेआम भाजपा की गंडागर्दी और दलित विरोधी मानसिकता का परिचय है।

न्याय न मिला तो होगा आंदोलन: चंद्रशेखर

इस मामले ने अब ज्यादा तूल पकड़ लिया है। क्योंकि भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर भी रविवार को मेरठ पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित पार्षदों को साथ लेकर बैठक की। जिसमें साफ कहा कि भाजपा की गुंडागर्दी अब सहन नहीं होगी। यदि एमएलसी और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन जल्दी ही होगा। अहम बात ये ही कि चंद्रशेखर के साथ रालोद नेता पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, नरेंद्र खजूरी आदि भी मौजूद रहे। वहीं पूर्व विधायक योगेश वर्मा भी इस मामले को लेकर दलितों की जनसभा बुलाने की बात कह चुके हैं।

विपक्षी एकजुटता से भाजपा बैकफुट पर

यह पूरा मामला अब भाजपा के गले की फांस बन चुका है। मुस्लिम वर्ग तो पहले ही नाराज था, लेकिन शांत बैठे दलित समाज को भाजपा ने भड़का दिया। ऐसे में भाजपा अब कहीं न कहीं बैकफुट पर नजर आ रही है। शनिवार को भी प्रेस कान्फ्रेंस बुलाकर उसमें महिला पार्षदों को आगे रखते हुए विपक्षी पार्षदों द्वारा अभद्रता की बात कही गई। वहीं राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा कि मातृ शक्ति का अपमान वह सहन नहीं करेंगे।

मेरठ सीट पर बिगड़ सकता है खेल

दलित- मुस्लिम गठजोड़ भाजपा पर पिछले चुनाव में भी भारी पड़ा था। लेकिन इस बार जब तमाम विपक्षी दल एक साथ हैं, तो भाजपा के सामने मेरठ सीट पर पहले ही मुश्किलों में फंसी थी। लेकिन अब इस मामले ने मामला और ज्यादा गंभीर कर दिया है।

शपथ ग्रहण से लेकर साल के अंतिम दिन तक मारपीट

इस बार का नगर निगम बोर्ड पूरी तरह विवादों से घिरा हुआ चल रहा है। चुनाव हुए एक साल भी नहीं हुआ, लेकिन शपथ ग्रहण से लेकर अब तक सिर्फ विवाद और बवाल ही है। शपथ ग्रहण समारोह में ही वंदेमातरम को लेकर भाजपाइयों और विपक्षियों में जमकर हाथापाई हुई और अब शनिवार को साल की अंतिम बैठक में भी जमकर बवाल हुआ।

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