नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए उद्योगपति अनिल अंबानी दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुख्यालय पहुंचे। ईडी ने उन्हें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में चल रही जांच के सिलसिले में समन जारी किया था।

जांच एजेंसी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पाली हिल स्थित अंबानी की आवासीय संपत्ति एबोड को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिसकी कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत ईडी की स्पेशल टास्क फोर्स (मुख्यालय) द्वारा की गई।
ईडी के अनुसार, इससे पहले भी इसी संपत्ति का एक हिस्सा, करीब 473.17 करोड़ रुपये के मूल्य का, अस्थायी रूप से अटैच किया जा चुका था। ईडी के मुताबिक, अंबानी और उनकी कई समूह कंपनियों पर ऋण धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। इन मामलों की जांच के लिए हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एजेंसी ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस मामले में 66 वर्षीय उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।
इससे पहले, वे अगस्त 2025 में पहली बार ईडी के सामने पेश हुए थे, जहां पीएमएलए के तहत उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया गया था। मुंबई के सबसे महंगे और चर्चित आवासों में से एक ‘एबोड’ का कुर्क होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कोई भी रियायत नहीं दी जा रही है। 15,700 करोड़ रुपये की कुल जब्ती के साथ, यह मामला भारत के कॉपोर्रेट इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय जांच अभियानों में से एक बन गया है, जिसके अगले घटनाक्रमों पर बाजार और निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

