मोहनगंज में खेलते-खेलते घर के बाहर पहुंची थी, तड़प-तड़पकर मौत
लखनऊ। घर का एक क्विंटल लोहे का गेट गिरने से तीन साल की बच्ची दब गई। उसकी चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। उपचार के लिए उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
घटना आज, 19 जून को पीजीआई थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव में हुई। गांव निवासी सूरज कुमार के घर का गेट सुबह करीब साढ़े आठ बजे अचानक गिर गया। गेट के पास खेल रही उनकी 3 साल की बेटी अन्वी उसके नीचे दब गई। अन्वी की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
मोहिद्दीनपुर में सूरज कुमार पत्नी सीमा, 2 बेटियों 4 साल की सृष्टि और 3 साल की अन्वी के साथ रहते हैं। परिजनों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे सीमा बड़ी बेटी सृष्टि को पास में ट्यूशन छोड़ने गई थी। सूरज घर में खाना खा रहे थे।
छोटी बेटी अन्वी को वह प्यार-दुलार के साथ खाना खिला रहे थे। इस दौरान अन्वी खेलते-खेलते घर के मेन गेट के पास पहुंच गई। अचानक गेट उखड़कर अन्वी के ऊपर गिर गया। वह उसके नीचे दब गई। उसकी चीख सुनकर सूरज और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। गेट हटाकर उसे बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अन्वी के चाचा आशीष ने बताया कि करीब 8 साल पहले सूरज ने नया मकान बनवाया था। उस समय एक क्विंटल से अधिक वजन का लोहे का गेट लगवाया था। वही गेट कुंडा सहित उखड़कर गिर गया। लगता है कि सालों से खुलने-बंद होने से कुंडा और सीमेंट की पकड़ कमजोर हो गई थी।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा किया। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया। इससे मौत का स्पष्ट कारण नहीं पता चला। गेट के नीचे दबने से बच्ची के सिर और सीने में गंभीर चोट आई थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से बच्ची की मौत हुई है। बच्ची के शव का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।