रात के अंधेरे में उतर रहा पटाखों का स्टॉक, मंडपों से लेकर घरों तक जमा हो रहा आतिशबाजी का भारी जखीरा
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक एवं धार्मिक तीर्थ नगरी हस्तिनापुर में दीपावली की तैयारियों के बीच पटाखों का कारोबार तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। आरोप है कि नगर में रात के अंधेरे में पटाखों का स्टॉक उतारा जा रहा है। मंडपों से लेकर निजी मकानों तक आतिशबाजी का भारी भंडारण होने की चर्चाएं हैं। ऐसे में ऐतिहासिक नगरी की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में पटाखों की मांग बढ़ने लगी है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर पटाखों का भंडारण कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर रात के समय पटाखों से भरे माल की आवाजाही की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। यदि बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के विपरीत इस तरह भंडारण किया जा रहा है तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि यदि रिहायशी इलाकों, मंडपों अथवा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बड़ी मात्रा में आतिशबाजी जमा की जा रही है तो आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। पटाखों में जरा-सी लापरवाही आगजनी की बड़ी घटना का रूप ले सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रात के अंधेरे में पटाखों का स्टॉक कहां से आ रहा है और किन स्थानों पर जमा किया जा रहा है।
संबंधित विभागों को इसकी जानकारी
पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस एवं सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पटाखों के गोदामों, मंडपों और संदिग्ध भंडारण स्थलों की जांच कराई जाए। साथ ही बिना अनुमति पटाखों का भंडारण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि दीपावली का त्योहार खुशियों के साथ मनाया जा सके और ऐतिहासिक तीर्थ नगरी किसी बड़े हादसे का शिकार न बने।