प्रबल अग्रवाल हत्याकांड के सात दोषी भी शामिल, उम्रकैद के बाद हुआ ट्रांसफर
बिजनौर। जिला कारागार से 40 कैदियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बरेली सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया। इनमें 14 साल पुराने बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए सात दोषी भी शामिल हैं। उम्रकैद की सजा पाने वाले कैदियों को सेंट्रल जेल में रखने के प्रावधान के तहत यह स्थानांतरण किया गया है।
31 जुलाई को एफटीसी-द्वितीय के न्यायाधीश डॉ. शहजाद अली की अदालत ने प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दोषियों में संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल उर्फ रीशू, निखिल अग्रवाल और अनुज गुप्ता शामिल हैं। सजा सुनाए जाने के बाद से सभी जिला कारागार बिजनौर में बंद थे।
जेल प्रशासन ने इन सभी को अन्य बंदियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था के बीच बरेली सेंट्रल जेल के लिए रवाना किया। प्रबल हत्याकांड के सात दोषियों के अलावा 33 अन्य बंदियों को भी स्थानांतरित किया गया है।
ग्रसेन जयंती कार्यक्रम में पीटकर हत्या, गंगा में फेंका था शव
प्रबल अग्रवाल हत्याकांड की घटना 19 दिसंबर 2012 की है। बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जाटान निवासी आलोक अग्रवाल के बेटे प्रबल अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि अग्रसेन जयंती के कार्यक्रम के दौरान शहनाई मंडप में प्रबल के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को गंगा में फेंक दिया गया था।
मामले में शहर के कुछ प्रभावशाली लोगों समेत कई आरोपियों को नामजद किया गया था। करीब 14 साल पुराने इस मामले में अदालत ने 31 जुलाई को सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
उम्रकैद वाले बंदियों को सेंट्रल जेल में रखने का प्रावधान
जेल प्रशासन के अनुसार, आजीवन कारावास की सजा पाने वाले बंदियों को सेंट्रल जेल में रखे जाने का प्रावधान है। इसी प्रक्रिया के तहत प्रबल अग्रवाल हत्याकांड के सातों दोषियों को बिजनौर से बरेली भेजा गया है। इनके साथ 33 अन्य बंदियों का भी स्थानांतरण किया गया है। सभी 40 बंदियों को जेल से निकालकर सुरक्षा व्यवस्था के बीच बरेली सेंट्रल जेल के लिए रवाना किया गया। पुलिस और जेल प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई।