देवबंदी उलेमाओं ने किया स्वागत
देवबंद। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को लेकर मदरसों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में मदरसों में तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान कराने और विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जारी सर्कुलर का देवबंदी उलेमाओं ने स्वागत किया है। उलेमाओं ने कहा- देश के सभी मदरसों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ना चाहिए और स्वतंत्रता दिवस पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाना चाहिए।
देवबंदी उलेमा और जमीयत दावातुल मुस्लिमीन के संरक्षक कारी इसहाक गोरा ने मदरसों के लिए जारी सर्कुलर को अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को सभी मदरसों में तिरंगा फहराया जाए, राष्ट्रगान कराया जाए और विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। देश के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना हर नागरिक में होनी चाहिए।
कारी इसहाक गोरा ने कहा कि मंत्री दानिश आजाद अंसारी की ओर से मदरसों के लिए जारी सर्कुलर सराहनीय है। इसमें 15 अगस्त को मदरसों में तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान कराने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से मदरसों को भी जुड़ना चाहिए। तिरंगा देश के प्रति प्रेम, सम्मान और मोहब्बत का प्रतीक है। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को राष्ट्रीय पर्वों और उनके महत्व के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए।
कारी इसहाक गोरा ने बताया कि 15 अगस्त से पहले ही ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मदरसों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। उनके संपर्क में आने वाले मदरसों में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को लेकर तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस सिर्फ जश्न मनाने का दिन नहीं है। यह देश की आजादी के लिए अपना जीवन कुर्बान करने वाले शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का भी अवसर है। ऐसे मौके पर नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संघर्ष के बारे में जानकारी देना जरूरी है।
देवबंदी उलेमाओं ने मदरसों के जिम्मेदारों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को देश की आजादी का इतिहास बताया जाए। बच्चों को यह जानकारी दी जाए कि आजादी हासिल करने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने किस तरह संघर्ष किया और बड़ी कुर्बानियां दीं।
कारी इसहाक गोरा ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को देश की आजादी का इतिहास पता होना चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि आजादी आसानी से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने संघर्ष किया और अपना जीवन बलिदान किया।
उलेमाओं ने कहा कि 15 अगस्त को मदरसों में तिरंगा फहराने के साथ राष्ट्रगान कराया जाए और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मदरसों के जिम्मेदारों से स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों के जरिए बच्चों में देश के प्रति जिम्मेदारी, सम्मान और प्रेम की भावना मजबूत की जा सकती है। स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना और उनके योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना सभी की जिम्मेदारी है।