सीबीआई ने दो दिन बैठाकर पूछा, हाईकोर्ट ने मांगा जबाव
लखनऊ। राहुल गांधी से जुड़े बेनामी संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की शिकायत के मामले में याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर से सीबीआईने लगातार दो दिन पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन मंगलवार को करीब 6 घंटे और दूसरे दिन बुधवार को करीब 7 घंटे तक उनसे सवाल-जवाब हुए।
शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी को विदेश यात्राओं, कथित विदेशी लेन-देन और 2004 से 2014 के बीच यूपीए सरकार के कार्यकाल से जुड़े अपने आरोपों के संबंध में जानकारी और दस्तावेज दिए हैं। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चल रही याचिका और कोर्ट के उस आदेश के बाद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें सीबीआई से जांच की वास्तविक प्रगति स्पष्ट करने वाला डिटेल जवाब मांगा गया है। सूत्रों के मुताबिक, एस. विग्नेश शिशिर सोमवार को सीबीआई के जांच अधिकारी के सामने पेश हुए थे। उनसे करीब 6 घंटे तक पूछताछ हुई। इसके बाद दूसरे दिन भी उन्हें बुलाया गया, जहां करीब 7 घंटे तक सवाल-जवाब का सिलसिला चला।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन्होंने भारत और विदेश से जुड़े कथित लेन-देन, विदेश यात्राओं और अन्य आरोपों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज जांच अधिकारी को उपलब्ध कराए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मामले में 20 जुलाई 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था। कोर्ट ने कहा कि उइक की ओर से दाखिल काउंटर एफिडेविट पहले के आदेश के अनुरूप स्पष्ट नहीं है और उससे जांच की प्रगति को समझना संभव नहीं हो रहा है। कोर्ट ने अगली तारीख पर सीबीआई को पहले के निदेर्शों के अनुरूप नया और विस्तृत काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें जांच में हुई आगे की प्रगति को श्रेणीवार स्पष्ट करने को कहा गया है, ताकि कोर्ट यह समझ सके कि जांच किस स्तर तक पहुंची है।