प्रेमी के साथ मिलकर ग्राइंडर से टुकड़े किए थे, गंगा-नाले में फेंके थे
संभल। चंदौसी में पति की हत्या कर शव के टुकड़े करने के मामले में आरोपी रूबी की जमानत याचिका जिला कोर्ट ने खारिज कर दी है। रूबी पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने और शव को ग्राइंडर से टुकड़ों में काटकर गंगा व नाले में फेंकने का आरोप है। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में बहस हुई, जिसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
घटना चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चुन्नी की है। मृतक राहुल तहसील गुन्नौर के थाना रजपुरा क्षेत्र के कस्बा गंवा का निवासी था। वह अपने परिवार में पत्नी रूबी और दो बच्चों के साथ रहता था। राहुल अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद इकलौता पुत्र था।
करीब 15 साल पहले राहुल ने रूबी से प्रेम विवाह किया था। शादी के तीन साल बाद यह दंपती चंदौसी के मोहल्ला चुन्नी में आकर रहने लगा। राहुल पहले राजमिस्त्री का काम करता था, बाद में उसने जूते का व्यवसाय शुरू कर दिया था। दंपती के दो बच्चे हैं, जिनमें एक 12 साल का बेटा और 10 साल की बेटी शामिल हैं।
घटना से लगभग पांच साल पहले रूबी का मोहल्ला चुन्नी निवासी गौरव से प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी और वे एक-दूसरे से प्यार करने लगे। राहुल के घर पर न होने पर गौरव अक्सर रूबी से मिलने आता था।
राहुल को जल्द ही गौरव और रूबी के संबंधों के बारे में पता चल गया। उसने रूबी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। राहुल रूबी को गौरव से दूर रहने के लिए कहता था।
18 नवंबर को हुई थी वारदात
18 नवंबर 2025 की रात राहुल ने रूबी को उसके प्रेमी गौरव के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। राहुल ने गौरव के साथ मारपीट शुरू कर दी और सामाजिक रूप से बेइज्जत करने की धमकी दी। इसके बाद रूबी और गौरव ने मिलकर राहुल पर हमला कर दिया। रूबी ने जूते में कील ठोकने वाले हथौड़े से और गौरव ने लोहे की रॉड से राहुल के सिर पर वार किया। राहुल जैसे ही जमीन पर गिरा, उसका सिर कुचल दिया गया। राहुल खून से लथपथ जमीन पर पड़ा रहा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शव के किए थे चार टुकड़े
अगले दिन 19 नवंबर को शव ठिकाने लगाने के लिए घंटाघर मार्केट से प्लास्टिक की पन्नियां और दो बैग खरीदे गए। शव के टुकड़े करने के लिए प्रेमी गौरव इलेक्ट्रिक ग्राइंडर कटर मशीन लेकर आया। इसी ग्राइंडर से शव के चार टुकड़े कर दिए। गर्दन और पैर एक बैग में पैक किए गए, जबकि धड़ को दूसरे बैग में रखा गया। इसके बाद 3500 रुपए में भाड़े पर गाड़ी की। रूबी, गौरव और दोनों बच्चे के साथ बैग लेकर घर से 50 किमी दूर गंगा किनारे राजघाट पहुंची। बच्चों के सामने ही एक बैग गंगा में फेंक दिया गया।
खुद दर्ज कराई थी गुमशुदगी
गंगा से लौटने के बाद रात में धड़ वाला बैग घर से 800 मीटर दूर पतरौआ रोड स्थित ईदगाह के पास नाले में फेंक दिया गया। पकड़े जाने के डर से 24 नवंबर को पुलिस में उसकी फर्जी गुमशुदगी दर्ज करा दी। 15 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे पतरौआ रोड स्थित ईदगाह के पास नाले में एक युवक का शव मिला, जिसे कुत्ते नोच रहे थे। सूचना पर सीओ मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। शव काफी सड़ी-गली हालत में था। पहले शव को मॉच्यूर्री में पहचान के लिए रखा गया, लेकिन कोई नहीं आया। पांच दिन बाद यानी 20 दिसंबर को शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इस दौरान कटे हुए हाथ पर ‘राहुल’ नाम गुदा हुआ मिला।