मनरेगा में फर्जी हाजिरी और बिना काम भुगतान का आरोप, एसडीएम से जांच की मांग
हस्तिनापुर। विकासखंड हस्तिनापुर के विभिन्न गांवों में मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितता और फर्जी हाजिरी दर्ज कर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। सैफपुर-फिरोजपुर रामराज निवासी कंवरपाल पुत्र राजपाल सिंह ने उपजिलाधिकारी को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार मोहम्मदपुर सकिस्त, सैफपुर-फिरोजपुर, रामराज, सदरपुर सहित अन्य गांवों में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में नियमों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि कई स्थानों पर वास्तविक रूप से श्रमिकों के काम करने के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में उनकी हाजिरी दर्ज की जा रही है। मोबाइल एप के माध्यम से फोटो आधारित हाजिरी लगाकर कार्यों को कागजों में संचालित दिखाने का भी आरोप लगाया गया है।
कंवरपाल का आरोप है कि कुछ स्थानों पर बिना काम किए ही रजिस्टर में श्रमिकों की हाजिरी चढ़ा दी जाती है। इसी तरह बिना रास्ता बनाए ही अभिलेखों में कार्य पूरा दर्शाकर भुगतान निकालने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कागजों में रास्ते और अन्य मनरेगा कार्य पूर्ण हो जाते हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने पर संबंधित कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने मांग की कि संबंधित ग्रामों में मनरेगा कार्यों का स्थलीय सत्यापन कराया जाए। ऑनलाइन हाजिरी, कार्यस्थल की स्थिति, फोटो-वीडियो रिकॉर्ड और श्रमिकों के खातों में किए गए भुगतान का मिलान कराया जाए। यदि जांच में फर्जी हाजिरी या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।