गर्दन से दबोचकर गन्ने के खेत में ले गया, 50 मीटर दूर मिला शव
बिजनौर। सोमवार शाम हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र में गुलदार के हमले में एक महिला की मौत हो गई। गुलदार महिला को गर्दन से दबोचकर करीब 50 मीटर दूर गन्ने के खेत में घसीट ले गया था। यह घटना हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के अजूपुरा जट गांव की है। यहां की रहने वाली वीरवती (50) पत्नी स्वर्गीय मुन्ने सिंह सोमवार शाम करीब 5 बजे पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। वह गन्ने के खेत के पास चारा काट रही थीं, तभी गुलदार ने उन पर हमला कर दिया।
मां की चीख सुनकर उनके बेटे ने गांव की ओर दौड़कर शोर मचाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक गुलदार भाग चुका था। ग्रामीणों को खेत में वीरवती का शव मिला। गुलदार ने महिला की गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। गुस्साए ग्रामीण और परिजनों ने शव उठाने का विरोध किया।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रेंजर का घेराव भी किया। वे मुआवजे और गुलदार को जल्द पकड़ने की मांग पर अड़े रहे। काफी मशक्कत के बाद टीम ने ग्रामीणों को समझाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
जिले में अब तक गुलदार के हमलों से तीन दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, गुलदार सैकड़ों पशुओं का भी शिकार कर चुका है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग लगातार तेंदुए को पकड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पिंजरे लग रहा है और जागरूकता अभियान भी चला रहा है। लेकिन इस सब के बावजूद गुलदार के हमले रुकने का नाम नहीं ले। डीएफओ जय सिंह कुशवाहा का कहना है कि जिले में 100 से अधिक पिंजरे लगे हुए हैं, लगातार जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
उधर वन विभाग घटना को संदिग्ध मान रहा है वन विभाग के अधिकारियों ने नाम नही बताते हुए बताया की घटना गुलदार के हमले से नहीं बल्कि कोई और वजह लग रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामला क्लियर होगा।
ग्रामीणों के बीच घिरे रेंजर चांदपुर दुष्यंत कुमार ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा ड्रोन व ट्रैप कैमरा और जंगल में पिंजरा भी लगाया जाएगा ,उन्होंने जल्द ही गुलदार को पकड़े जाने का आश्वासन दिया।
उधर ग्रमीणों ने बताया कि मृतक महिला के परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है। मृतक वीरवती के परिवार के पास 12 बीघा जमीन है जिससे उनके पूरे परिवार का पालन पोषण होता है। वीरवती का बड़ा बेटा टेंट पर काम करता है जबकि छोटा बेटा खेती देखा है।
जबकि मृतका के पति की मौत काफी साल पहले हो चुकी है, उधर ग्रामीणों को कहना है कि इस क्षेत्र में पिछले काफी दिनों से गुलदार देखा जा रहा था लेकिन वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया था उसे भी कुछ दिन बाद हटा लिया था। उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया