चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पेंशन पत्रावली तैयार करने के लिए मांगा रहा रिश्वत, एंटी करप्शन की टीम ने किया गिरफ्तार
शारदा रिपोर्टर मेरठ। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात बाबू राजीव सिंघल को एंटी करप्शन की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन की टीम बाबू को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाना ले गई, जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
मवाना क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय अटौरा में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महिपाल सिंह गत वर्ष सेवानिवृत्त हुए थे। लेकिन अभी तक भी उनकी पेंशन पत्रावली तैयार नहीं हुई है। इसके लिए वह लगातार जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। लगातार चक्कर काटते-काटते कई बाबू भी पेंशन पत्रावली पटल से बदल गए। इस वक्त पेंशन पत्रावली पटल का चार्ज बाबू राजीव सिंघल के पास है।
महिपाल सिंह ने बताया कि काफी चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं हो रहा था। इस बीच बाबू राजीव सिंघल ने महिपाल से 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। राजीव सिंघल ने कहा कि बिना रुपये दिए उसका काम नहीं होगा। इससे आहत महिपाल सिंह ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग की टीम से की।
इसके बाद एंटी करप्शन विभाग की टीम ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया। तय योजना के अनुसार शुक्रवार को कचहरी परिसर में रिश्वत लेना तय हुआ। महिपाल के पहुंचने से पहले एंटी करप्शन की टीम भी अपना जाल बिछा चुकी थी। जिस वक्त महिपाल ने एंटी करप्शन टीम द्वारा दिये गए रुपये राजीव सिंघल को दिए, वैसे ही टीम ने उसे पकड़ लिया।
मौके पर ही राजीव सिंघल के हाथ धुलवाए गए, जिसमें उनके हाथ का रंग लाल हो गया। इस पूरी कार्रवाई की टीम ने मौके पर वीडियोग्राफी भी की। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लेकर बगल में बने संयुक्त शिक्षा निदेशक, डीडीआर कार्यालय के कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया। वहीं कार्रवाई की गूंज माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय के भीतर भी सुनाई दी, वहां भी कर्मचारी सकते में आ गए।