शोरूम के नक्शे पर संचालन, विकास प्राधिकरण को हादसे के बाद याद आए नियम
मुरादाबाद। विकास प्राधिकरण ने शोरूम के नक्शे पर चल रहे दीपा अस्पताल को सील कर दिया। ये अस्पताल दिल्ली रोड पर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के आॅफिस से महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित है।
हाईवे के ठीक किनारे अफसरों की नाक तले ये अस्पताल कपड़ा शोरूम के लिए पास की गई इमारत में धड़ल्ले से चलता रहा। लेकिन अब लखनऊ हादसे के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और उन्हें नियम-कायदे याद आए।
शहर में ऐसे अस्पतालों की संख्या सैकड़ों में है। गली-मोहल्लों और तंग बस्तियों में भी दवाखानों और नर्सिंग होम की भरमार है। सवाल ये है कि ये अस्पताल आखिर चल किसकी शह पररहे थे। कौन है जो इन्हें संरक्षण दे रहा था। संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई आखिर कब होगी ?
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जिस बिल्डिंग में ये हॉस्पिटल चल रहा था, उसका मानचित्र शोरूम के लिए एमडीए से पास कराया गया था। इसके बाद स्वीकृत मानचित्र से हटकर बिल्डिंग में निर्माण कर लिया गया है।
हैरानी की बात ये है कि जिस स्थान पर ये अस्पताल है, वहां से हर रोज एमडीए अफसरों की गाड़ियां गुजरती हैं। जाहिर है अधिकारी आते-जाते इस अस्पताल पर भी अधिकारियों की नजर पड़ती होगी। लेकिन सभी इस ओर से आंखें मूंदे रहे।
लखनऊ हादसे के बाद सरकार सख्त हुई तो अधिकारियों की नजर इस अस्पताल पर पड़ी। हालांकि, इस तरह फजीर्वाड़ा करके हॉस्पिटल संचालन का ये इकलौता मामला नहीं है। ऐसे तमाम दूसरे केस हैं। कहीं कपड़ा शोरूम के नक्शे पर कोचिंग तो कहीं घर के नक्शे पर अस्पताल चल रहे हैं। लेकिन अधिकरियों पर यहां भी एक्शन लेने से पहले पिक एंड चूज के आरोप लग रहे हैं।