आठ दिन पहले दो को बनाया था निवाला, बरेली में होगा पोस्टमॉर्टम
लखीमपुरखीरी। जिस बाघिन की वन विभाग ने पकड़ा था, उसकी 11 घंटे में ही मौत हो गई। मौत के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। बाघिन के शव का बरेली के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
मामला लखीमपुर खीरी के उत्तर खीरी वन प्रभाग में जिला मुख्यालय से दूर मझगई रेंज की बबौरा बीट के ग्राम रामपुर मजरा रामनगर कला (थाना भीरा) क्षेत्र का है। वन विभाग के अनुसार बाघिन वन क्षेत्र से निकलकर पिछले कुछ समय से आबादी और खेती वाले इलाके में घूम रही थी।
ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। मंगलवार सुबह करीब 5:10 बजे वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक बाघिन को ट्रैंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया।
इसके बाद उसे मझगई रेंज परिसर लाया गया, जहां दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। शुरूआती जांच में बाघिन सामान्य बताई गई थी और उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी।
पकड़ी गई बाघिन को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ने की तैयारी चल रही थी, लेकिन शाम करीब 6:30 बजे उसकी अचानक मौत हो गई। मौत की पुष्टि के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया है।
घटना के बाद वन विभाग ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। प्रभागीय वनाधिकारी उत्तर खीरी वन प्रभाग एवं दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन की उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि बाघिन के शव का पोस्टमार्टम भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (कश्फक), इज्जतनगर, बरेली के विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और वैज्ञानिकों की टीम करेगी।
वन विभाग का दावा है कि बाघिन की तबीयत पहले से खराब थी। उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं और भीषण गर्मी के कारण उसके शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति बन गई थी। रेस्क्यू के बाद उसकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई। विभागीय टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन शाम होते-होते उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। जांच में यह स्पष्ट होगा कि बाघिन की मौत ट्रैंकुलाइजेशन के प्रभाव, किसी आंतरिक बीमारी, डिहाइड्रेशन या किसी अन्य कारण से हुई है।
फिलहाल वन विभाग ने शव को सुरक्षित संरक्षित कर पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।