HomeTrendingसीएनजी पंप में भीषण आग लगी, लाखों का नुकसान

सीएनजी पंप में भीषण आग लगी, लाखों का नुकसान

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गैस भरवाते समय भड़की चिंगारी, 40 फीट ऊंची लपटें उठीं, लोग जान बचाकर भागे


वाराणसी। शुक्रवार रात एक सीएनजी पंप में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि लपटें 40 फीट ऊंचाई तक उठने लगीं। हादसा उस समय हुआ, जब एक गाड़ी में उठॠ भरी जा रही थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी जान बचाकर भागे।

सीएनजी पंप वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर करखियाव गांव के पास स्थित है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, गैस लीक होने और गाड़ी में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

सिलेंडर फटने की आशंका को देखते हुए पंप और आसपास के 200 मीटर एरिया को खाली करा लिया गया। कर्मचारियों और वहां खड़ी गाड़ियों को भी सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। रात 2 बजे आग पर काबू पा लिया गया।

हादसे के तुरंत बाद कर्मचारियों ने इमरजेंसी स्टॉप बटन दबाकर मुख्य स्टोरेज टैंक और कंप्रेशर से गैस सप्लाई बंद कर दी। इसके बाद अलार्म बजाकर बाहर की ओर भागे। मैन्युअल मास्टर शट-आॅफ वाल्व को बंद करने के लिए आवाज लगाते रहे, ताकि लीक हो रही गैस और न भड़के।

काफी मशक्कत के बाद किसी तरह मास्टर शट-आॅफ वाल्व को बंद किया गया। लेकिन तब तक छोटे पाइप और सिलेंडर आग की चपेट में आ चुके थे। गैस का दबाव ज्यादा होने से लपटें उठ रही हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और फायर बिग्रेड जुटी हैं। आग की ऊंची लपटें देख आसपास के लोग बाहर आ गए। हाईवे से गुजर रहे वाहन चालक भी रुक गए।

सीएनजी की आग पर सीधा पानी डालने से असर कम होने से गैस को कट-आॅफ किया गया। फायर ब्रिगेड आने के बाद सीएनजी सिलेंडर गर्म हो चुके हैं, तो उन्हें फटने (हाई-प्रेशर ब्लास्ट) से बचाने के लिए पानी की बौछार कर ठंडा किया गया।

पंप पर मौजूद सभी वाहनों और कर्मचारियों को दूर भेज दिया गया। अभी सिलेंडर फटने का खतरा है, इसे देखते हुए आसपास 200 मीटर एरिया को खाली कराया गया। किसी को भी बाउंड्री, सड़क या आसपास नहीं खड़े होने दिया गया। दमकल की और गाड़ियां शहर से मंगाई गई।

डीसीपी गोमती नीतू कादयान ने बताया कि करखियाव स्थित सीएनजी पंप पर आग लगने की घटना का तुरंत संज्ञान लिया गया। फायर सर्विस के कर्मचारी युद्धस्तर पर आग पर काबू पाने के लिए जुटे हुए हैं। स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रही है।

बीडी वेंचर ग्रुप के राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही उनके हाइड्रेंट सिस्टम से लगातार पानी की आपूर्ति की गई, जिससे आग को फैलने से रोकने में बड़ी मदद मिल रही है।

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