साहिल ने प्रिंस बनकर मंदिर में शादी की, मां ने लगाया बेटी की हत्या का आरोप
प्रयागराज। 35 दिन बाद कब्रिस्तान में कब्र खोदकर एक लड़की की लाश निकाली गई। लाश सड़ी गली हालत में थी। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम को भेज दिया। 2 डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
लड़की की मां ने बताया कि मेरी बेटी हैदराबाद की बिस्कुट फैक्ट्री में नौकरी करती थी। यहां साहिल खान ने प्रिंस बनकर मेरी बेटी से दोस्ती की। फिर मंदिर में शादी कर ली। जब पोल खुली तो उसने मस्जिद में बेटी से निकाह कर लिया। फरवरी में बेटी प्रेग्नेंट हुई तो उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
मेरी बेटी घर भाग आई। इसके बाद आरोपी उसे दोबारा से ले गया। उसके घरवालों ने 11 मई को जहर देकर मेरी बेटी को मार डाला। हम लोगों को सूचना दिए बिना ही उसे दफना दिया। वहीं आरोपी पक्ष का कहना है कि लड़की बीमार थी। उसे अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस लड़की के घरवालों की शिकायत पर जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश के रीवां के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के तमरी गांव के रहने वाले तीरथ साकेत किसान हैं। उनकी 20 साल की बेटी गोल्डी साकेत हैदराबाद की बिस्कुट फैक्ट्री में नौकरी करती थी। प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र के जारी बाजार का रहने वाला साहिल उर्फ प्रिंस (22) भी हैदराबाद के उसी इलाके में एक टेलरिंग शॉप पर नौकरी करता था।
गोल्डी की मां बेबी देवी ने बताया कि तीन साल पहले इंस्ट्राग्राम पर मेरी बेटी की दोस्ती साहिल खान से हुई। साहिल खान ने गोल्डी को अपना नाम प्रिंस बताया। दोनों में बातचीत बढ़ी और प्यार में बदल गई। 6 महीने पहले दोनों ने हैदराबाद के एक मंदिर में शादी कर ली।
इस दौरान गोल्डी को पता चला कि प्रिंस का असली नाम साहिल खान है। दोनों में झगड़ा हुआ। हालांकि बाद में साहिल ने उसे मना लिया और मस्जिद में निकाह कर लिया। इसके बाद साहिल की नौकरी गुजरात के सूरत में लग गई। वह गोल्डी को अपने साथ लेकर वहां चला गया। मेरी बेटी ने मुझे बताया था कि साहिल के घर वाले इस शादी से खुश नहीं हैं। वह आए दिन ताने देते थे।
मां ने बताया कि फरवरी माह में गोल्डी प्रेगनेंट हो गई। गर्भवती होने के बाद साहिल उसे लेकर प्रयागराज पहुंचा। यहां गोल्डी के साथ मारपीट की गई। इसके बाद मेरी बेटी घर लौट आई। गोल्डी ने बताया कि साहिल मेरे साथ मारपीट करता है। उसके घरवाले भी पीटते हैं। अब मैं दोबारा नहीं जाऊंगी। एक दिन साहिल आया और हाथ-पैर जोड़कर अपने साथ ले गया।
घर से जाते ही उसने गोल्डी का सिम तोड़ दिया। ताकि हम लोगों से बात न हो पाए। 6 जून को हमे पता चला कि मेरी बेटी गोल्डी की हत्या कर दी गई है। हम लोग थाने पहुंचे और आरोपियों की शिकायत की। फिर हमने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद पुलिस आरोपियों के घर पहुंची। यहां पता चला कि मेरी बेटी की मौत 10 मई को हो गई थी। आरोपियों ने कब्रिस्तान में उसे दफना दिया था। डीएम के आदेश पर 16 जून को पुलिस ने कब्र से शव को बाहर निकलवाया।
दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। मगर रिपोर्ट में कुछ नहीं आया। पुलिस ने घरवालों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। गोल्डी की छोटी बहन सीतू ने बताया कि साहिल ने नाम छिपाकर गोल्डी को फंसाया। उसे धोखे में रखकर शादी की। फिर उसकी हत्या कर दी। इसमें साजिश है। इसकी जांच की जानी चाहिए।
सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्रा का कहना है कि लड़की के घरवालों की शिकायत पर हर स्तर से जांच की जा रही है। साहिल के घरवालों से लंबी पूछताछ हुई है।