नितिन गडकरी और राज्यपाल जोजिला टनल पहुंचे
श्रीनगर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ जोजिला टनल पहुंचे, ताकि वहां चट्टान की आखिरी दीवार की प्रतीकात्मक खुदाई की जा सके। यह टनल एशियाई महाद्वीप में सबसे लंबी दो-तरफा सड़क टनल है।
वहीं मौके पर मौजूदा लद्दाख सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने कहा, पिछले 60-70 सालों का सपना अब पूरा होने जा रहा है। मैं लद्दाख की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नितिन गडकरी का धन्यवाद करता हूं। भाजपा सरकार आने के बाद ही इस सुरंग पर व्यावहारिक रूप से काम शुरू हुआ। नितिन गडकरी ने खुद इस परियोजना की निगरानी की। इसका पूरा श्रेय उनके गतिशील नेतृत्व को जाता है।
आपको बता दें कि सामरिक दृष्टि से यह सुरंग बेहद अहम है। 1999 के युद्ध के दौरान सरकार और जनता ने यहां सुरंग की जरूरत को महसूस किया था। इस सुरंग से लद्दाख और कारगिल की आर्थिक तरक्की होगी। हर मौसम में खुली रहने वाली यह सड़क बुजुर्गों, छात्रों और मरीजों के लिए फायदेमंद साबित होगी। हमें गडकरी पर पूरा भरोसा है कि यह परियोजना एक साल के भीतर पूरी हो जाएगी।
प्रोजेक्ट का लगभग 80% काम हो चुका पूरा
वहीं जोजिला प्रोजेक्ट के लिए अथॉरिटी इंजीनियर यूसुफ ने कहा, मैं ईरान से हूं। मुझे इस बात पर गर्व है। मुझे खुशी है कि प्रोजेक्ट का लगभग 80% काम पूरा हो चुका है। बाकी 20% को पूरी तरह से पूरा होने में शायद 2 साल और लग सकते हैं। फिर भी, टनल के लिए यह ‘ब्रेकथ्रू’ (सुरंग के दोनों सिरों का आपस में जुड़ना) एक बड़ी घटना है और हमें खुशी है कि मौजूदा सिस्टम के तहत हम इस प्रोजेक्ट को अच्छे से पूरा कर पाए हैं। टनल को पूरी तरह से खुलने में लगभग ढाई साल और लगेंगे। हालांकि, किसी बहुत जरूरी इमरजेंसी में, खासकर अगर सेना को इसका इस्तेमाल करना पड़े, तो कुछ समय के लिए टनल का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन आम हालात में अभी इसका इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं है।