– स्टाफ नर्स की लाश ई- रिक्शा में आने के बाद प्राचार्य ने बढ़ाई परिसर की सुरक्षा।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में वाहनों के प्रवेश को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वाहन पास अनिवार्य कर दिया गया है। बिना अधिकृत पास वाले वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह व्यवस्था आगामी 1 जून 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी।

इस संबंध में प्रधानाचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने आदेश जारी करते हुए बताया गया है कि मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा गार्डों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा गया है कि वे अपने वाहनों पर मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी वाहन पास अनिवार्य रूप से चस्पा करें, ताकि प्रवेश के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों या अधिकारियों ने अभी तक वाहन पास प्राप्त नहीं किया है, वे मेडिकल कॉलेज के केंद्रीय स्टोर से श्री संजीव तोमर के माध्यम से पास प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि गेट पर सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों में भी कमी आएगी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार अस्पताल और कॉलेज परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में अधिकृत और अनधिकृत वाहनों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सुरक्षा गार्ड केवल वैध वाहन पास वाले वाहनों को ही प्रवेश देंगे। प्रधानाचार्य आर.सी. गुप्ता द्वारा जारी इस आदेश के बाद कर्मचारियों को समय रहते वाहन पास लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 1 जून के बाद किसी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
लगातार सुरक्षा में कमी के कारण घटनांए: मेडिकल में सही सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण लगातार घटनांए सामने आती रहती हैं। बीते दिनों भी अस्पताल की ही एक स्टाफ नर्स की लाश को ई- रिक्शा में लाकर इमरजेंसी में छोड़ दिया गया था। इसी घटना के बाद से प्रबंधन ने यह फैसला लिया है। हालांकि इसके अलावा मेडिकल प्रबंधन द्वारा अभी तक कोई और कार्रवाई नहीं की
गई है।
समय- समय पर इस प्रकार के आदेश जारी किए जाते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद व्यवस्था फिर पहले जैसी ही बन जाती है। अब यह नई पास व्यवस्था कब तक प्रभावी रहती ळै यह मुख्य रूप से देखने की बात है।

