शारदा रिपोर्टर मेरठ। शनिवार को शनि जयंती के पावन पर्व पर कैंट के वेस्ट एंड रोड़ स्थित सिद्ध पीठ संकट मोचन हनुमान श्री बालाजी एवं शनि शक्तिपीठ शनि धाम मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विधि-विधान से कर्मों के देवता शनिदेव की सर्व प्रथम पूजा-अर्चना की गई। जिसके बाद यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि, इस वर्ष शनि जयंती शनिवार को पड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे से हुई। जिसमें शनि महाराज का तेलाभिषेक और विशेष पूजा अर्चना की गई पूजा के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। भंडारे में प्रसाद के रूप में खिचड़ी, पूड़ी, सब्जी और हलवे का वितरण किया गया। जबकि, रात 8:30 बजे से महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान मंदिर के महंत महेंद्र दास ने बताया कि शनि देव की कृपा पाने के लिए इस दिन व्रत और दान का विशेष महत्व है। इसी क्रम में रात 8:30 बजे शनि महाराज की महा आरती का भव्य आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, महा आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। आरती के दौरान मंदिर को फूलों और रंगीन रोशनी से विशेष रूप से सजाया जाएगा।
समिति ने बताया कि शनि दोष से मुक्ति के लिए इस दिन शनिचालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाएगा। इसी के साथ मंदिर में काले तिल, उड़द, लोहा और सरसों के तेल का दान करने की व्यवस्था भी रहेगी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए मंदिर समिति के सदस्य तैनात रहेंगे। जबकि, भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में पेयजल और छाया की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि, शनि जयंती पर दूर-दराज से श्रद्धालु शनि धाम मंदिर पहुंचकर शनि देव का आशीर्वाद लेते हैं।मंदिर समिति ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे समय से पहुंचकर कार्यक्रम का लाभ उठाएं। बता दें कि, मान्यता है कि शनि जयंती पर पूजा करने से साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है। शनि महाराज को न्याय के देवता माना जाता है और इस दिन की गई आराधना विशेष फलदायी होती है।
आयोजन को सफल बनाने के लिए मंदिर समिति के सभी पदाधिकारी पिछले एक सप्ताह से तैयारियों में जुटे हैं। मंदिर समिति ने भक्तों से निवेदन है कि वे अनुशासन बनाए रखें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। मंदिर समिति ने शहरवासियों को शनि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।




