Homeउत्तर प्रदेशMeerutबुलंदशहर: किसानों के धरने में जा रहे विधायक शाहिद मंजूर हाउस अरेस्ट

बुलंदशहर: किसानों के धरने में जा रहे विधायक शाहिद मंजूर हाउस अरेस्ट

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प्रतिनिधिमंडल में सांसद हरेंद्र मलिक के साथ पूर्व मंत्री व किठौर विधायक शाहिद मंजूर भी शामिल थे


शारदा रिपोर्टर ,मेरठ। बुलंदशहर में जमीन मुआवजे की मांग को लेकर किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं।किसानों के समर्थन मे किठौर विधायक शाहिद मंजूर के साथ समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल अनशन स्थल पहुंचने वाला था। इस प्रतिनिधिमंडल में सांसद हरेंद्र मलिक के साथ पूर्व मंत्री व किठौर विधायक शाहिद मंजूर भी शामिल थे। पुलिस को विधायक शाहिद मंजूर के बुलंदशहर पहुंचने की सूचना पहले ही मिल गई थी। जिसके बाद कानून-व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस सुबह ही विधायक के मेरठ स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस ने विधायक शाहिद मंजूर को घर से निकलने से रोक दिया और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया।

विधायक ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबा रही है। शाहिद मंजूर लगातार किसानों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनें उनकी आजीविका का एकमात्र साधन हैं और सरकार को हितों का सम्मान करना चाहिए। बताया कि प्रतिनिधिमंडल किसानों की समस्याएं सुनकर आंदोलन को सदन तक ले जाएगा। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से भारी संख्या में वहां पहुंचने की अपील भी की थी। पुलिस का कहना है कि एहतियातन यह कार्रवाई की गई ताकि जिले में शांति व्यवस्था बनी रहे।

बता दें कि, इससे पहले भी खुर्जा समेत बुलंदशहर के कई नेताओं को दिल्ली जा रहे विरोध प्रदर्शन से पहले हाउस अरेस्ट किया गया था। उनमें किसान नेताओं और स्वर्ण समाज के सदस्यों को भी नजरबंद किया गया था। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि प्रशासन आंदोलन को सख्ती से दबाने की कोशिश कर रहा है।

सपा ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन ने कहा कि किसानों से वार्ता के दरवाजे खुले हैं, लेकिन कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। फिलहाल विधायक शाहिद मंजूर पुलिस निगरानी में अपने आवास पर ही मौजूद हैं।  बुलंदशहर में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर उस समय तनाव बढ़ गया, जब समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को आंदोलन स्थल तक पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में सरधना विधायक अतुल प्रधान भी शामिल थे ।जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।

जानकारी के अनुसार, विधायक अतुल प्रधान का 10 मई को किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने और आंदोलन को समर्थन देने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। आरोप है कि प्रशासन ने पहले से ही कई थानों की पुलिस फोर्स, सीओ कंकरखेड़ा और सीओ मवाना को सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर तैनात कर दिया था।

सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि विधायक अतुल प्रधान को सकौती टांडा क्षेत्र में रोक दिया गया, जिससे वह किसानों के बीच नहीं पहुंच सके। सपा नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने और विपक्ष की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें विधायक अतुल प्रधान और पुलिसकर्मी मौजूद दिख रहे हैं। घटना के बाद समर्थकों में नाराजगी फैल गई और कई जगह सरकार विरोधी नारेबाजी भी हुई। पार्टी नेताओं ने इसे किसान विरोधी बताया।

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