– 7 आम आदमी सांसद भाजपा में शामिल !
नई दिल्ली। राघव चड्ढा ने उन नामों का भी खुलासा किया जो उनके साथ पाला बदल सकते हैं, जिनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह और ‘राजेंद्र गुप्ता’ जैसे प्रभावशाली नेताओं के नाम शामिल हैं। दिल्ली के सियासी गलियारों में उस वक्त भारी हलचल मच गई, जब आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से नाता तोड़ने का चौंकाने वाला ऐलान कर दिया. यह घटनाक्रम केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि राघव चड्ढा ने दावा किया है कि वे दो-तिहाई सांसदों के साथ BJP का दामन थामने जा रहे हैं. PM मोदी के नेतृत्व पर अटूट विश्वास जताते हुए चड्ढा ने कहा कि देश के विकास के लिए उनका विजन ही एकमात्र रास्ता है. राजधानी दिल्ली में हुए इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने ‘आप’ के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

राघव चड्ढा ने उन नामों का भी खुलासा किया जो उनके साथ पाला बदल सकते हैं, जिनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह और ‘राजेंद्र गुप्ता’ जैसे प्रभावशाली नेताओं के नाम शामिल हैं. यदि यह दावा हकीकत में बदलता है, तो यह न केवल दिल्ली और पंजाब की राजनीति के समीकरण बदल देगा, बल्कि राज्यसभा में भी आम आदमी पार्टी के वजूद को एक बड़ी चुनौती देगा।
राघव चड्ढा ने दावा किया कि हमारे साथ दो तिहाई ज्यादा AAP के राज्यसभा सांसद हमारे साथ हैं. उन्होंने साइन भी कर दिया है. इसमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेताओं राघव चड्ढा के साथ शामिल हैं. राज्यसभा में AAP के पास राज्यसभा में 10 सांसद हैं. 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से हैं।

1. राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) से राजनीति में कदम रखा. उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव दक्षिण दिल्ली संसदीय सीट से AAP उम्मीदवार के रूप में लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजेंद्र नगर सीट से जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बने. उनके राजनीतिक कद में तब और इजाफा हुआ जब वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया।
2. हरभजन सिंह
हरभजन सिंह भारत के सबसे सफल ऑफ-स्पिन गेंदबाजों में गिने जाते हैं और राजनीति में आम आदमी पार्टी के जरिए सक्रिय रहे हैं. पंजाब के जालंधर में जन्मे हरभजन ने 1998 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की और दो दशकों तक भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी बने रहे. वे 2007 टी-20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप विजेता भारतीय टीम के प्रमुख सदस्य रहे. क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए।
3. स्वाति मालीवाल
स्वाति मालीवाल आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्यसभा सांसद रही हैं और उनकी पहचान एक मुखर महिला अधिकार कार्यकर्ता के रूप में रही है. वर्ष 2015 से 2024 तक वे दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष रहीं, जहां उन्होंने एसिड अटैक, मानव तस्करी और यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में सख्त रुख अपनाया. हालांकि, पार्टी के भीतर मतभेदों और मुख्यमंत्री आवास से जुड़े कथित विवाद के चलते वे हाल के समय में सुर्खियों में रहीं।
4. राजिंदर गुप्ता
राजिंदर गुप्ता पंजाब के एक बड़े उद्योगपति हैं. वो ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजिंदर गुप्ता पंजाब से सबसे अमीर व्यक्ति हैं. राजिंदर गुप्ता का जन्म 2 जनवरी 1959 को हुआ था. ट्राइडेंट ग्रुप का मुख्यालय लुधियाना, पंजाब में स्थित है. इस ग्रुप की प्रमुख इंडस्ट्रीज में होम टेक्सटाइल्स, पेपर मैन्युफैक्चरिंग, केमिकल्स और पावर शामिल हैं. राजनीति में उनकी भूमिका तब और मजबूत हुई जब आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा सांसद के रूप में संसद भेजा।
5. संदीप पाठक
संदीप पाठक आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं और उन्हें पार्टी का ‘चाणक्य’ कहा जाता है. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से ताल्लुक रखने वाले संदीप पाठक का शैक्षणिक करियर बेहद उत्कृष्ट रहा है और वे राजनीति में आने से पहले शिक्षाविद थे. अरविंद केजरीवाल और पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने संगठन से जुड़ते हुए चुनावी रणनीतियों की कमान संभाली. पार्टी में उनकी अहमियत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें राष्ट्रीय संगठन महासचिव जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई. हालिया राजनीतिक चर्चाओं में उनका नाम उस वक्त केंद्र में आया, जब राघव चड्ढा ने उनके बीजेपी में शामिल होने की बात कही।
6. विक्रमजीत सिंह साहनी
विक्रमजीत सिंह साहनी एक प्रतिष्ठित उद्योगपति और राजनेता हैं, जो पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद रहे हैं. वे अपनी बेदाग छवि और शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2022 में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद से वे संसद में पंजाब के आर्थिक विकास, प्रवासी भारतीयों (NRI) के हितों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं. सिख समुदाय और कारोबारी जगत में उनके प्रभाव को देखते हुए उनकी राजनीतिक भूमिका को काफी अहम माना जाता है।
7. अशोक कुमार मित्तल
अशोक कुमार मित्तल एक शिक्षाविद, उद्योगपति और राजनेता हैं, जो आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब से राज्यसभा सांसद रहे हैं. वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक चांसलर हैं। पंजाब के जालंधर में साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले अशोक मित्तल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा संस्थान खड़ा कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई. वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ने शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया।


