– प्रीपेड मीटर लगाए जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमण्डल का प्रदर्शन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के विरोध में गुरुवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के दर्जनों सदस्यों ने स्मार्ट मीटर की शव यात्रा निकालते हुए उसका ऊर्जा भवन पर दहन किया। इस दौरान उन्होंने एमडी पावर रविश गुप्ता को एक शिकायत पत्र सौंपते हुए जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को नहीं लगाने की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने बताया कि, प्रीपेड मीटर के कारण हजारों व्यापारियों / उपभोक्ता की लाइट कट रही है। जबकि, विभाग के प्रीपेड मीटर का सर्वर काम ही नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि, प्रीपेड मीटर के एप में जमा करने के बाद भी पेमेंट अपडेट नहीं हो रही है। पुरानी सिक्योरिटी एडजस्ट करने की डिटेल उपभोक्ता को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
बिना किसी आधार के अवैध वसूली के लिए वर्षों पुराना बकाया दर्शा कर रिकवरी भेजी जा रही है। कनेक्शन पी डी करने पर फाइनल पी डी बिल बनाने में भारी अवैध वसूली को की जा रही है। प्रीपेड मीटर लगाने के बाद अधिकांश उपभोक्ता के फोन नंबर अपडेट नहीं किया जा रहे है। प्रीपेड मीटर लगाने के बाद भारी संख्या में सीलिंग सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपडेट नहीं है।

प्रीपेड मीटर लगने के बाद उपभोक्ता के मोबाइल में ऐप डाउनलोड नहीं हो रहा है। इसलिए उघोग व्यापार प्रतिनिधिमंडल यह मांग करता है कि, प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता को समाप्त कर प्रीपेड मीटर उपभोक्ता की स्वीकृति के आधार पर लगाये जाए। प्रीपेड मीटर लगे जाते समय प्रीपेड मीटर के संचालन से संबंधित मैन्युअल उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाए।

नए विद्युत कनेक्शन को जारी करते समय एस्टीमेट के नाम पर भारी अनियमित की जा रही है। पोर्टल पर कनेक्शन अप्लाई होने के बाद उपभोक्ता को कार्यालय बुलाए जाने की व्यवस्था समाप्त की जाए। जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगे और अगर किसी कनेक्शन में यदि उपभोक्ता को बुलाने की आवश्यकता है तो उसे उपखंड अधिकारी या अधिशासी अभियंता के सामने अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए।

