– सुबह से ही दुकानों में ताला, डॉक्टरों ने रखी ओपीडी बंद, पेट्रोल पंप भी रहे बंद, समर्थन में रो पड़ीं किन्नर, मवाना रोड और गंगानगर में खुली दुकानें।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण प्रकरण में आज शहर के सभी बाजार बंद हैं। इसके लिए संयुक्त व्यापार संघ और दूसरे संगठनों ने मेरठ बंद का ऐलान कर रखा है। उसी कड़ी में सुबह से ही दुकानों के शटर गिरे हुए हैं। इससे बाजार में सन्नाटा है। सड़क पर भी चहल-पहल कम है। ध्वस्तीकरण के विरोध में व्यापारियों ने धरना शुरू कर दिया है।
सेंट्रल मार्केट सीलिंग के विरोध में मेरठ बंद कर दिखाई व्यापारी एकता
Video News | Meerut || SHARDA EXPRESS
छह अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया था। इसके बाद बुधवार को आवास विकास परिषद ने जिला प्रशासन की मदद से कार्रवाई की। इस कार्रवाई के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ और अन्य संगठनों ने मेरठ बंद का ऐलान किया है। इस मामले में आज ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है।

सेंट्रल मार्केट प्रकरण में व्यापारियों को बंद के लिए व्यापक समर्थन मिला है। आईएमए, मेरठ बार एसोसिएशन, पेट्रोल पंप एसोसिएशन, विभिन्न व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और कई राजनीतिक दलों ने बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है कि यह लड़ाई सभी के हित से जुड़ी है।

सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर आज संयुक्त व्यापार संघ की ओर से बंद का आह्वान किया गया था। इस बंद को मेरठ के अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि वे व्यापारियों के साथ खड़े हैं। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। शहर के 665 व्यापारिक संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है।
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को बचाने के लिए मेरठ में पूर्ण बंद का आह्वान किया गया है। सुबह पांच बजे से ही व्यापार संघ के शीर्ष पदाधिकारी बाजारों में निकल गए। इसके बाद सभी व्यापारी सेंट्रल मार्केट पहुंचे।

किन्नरों ने की दुआ, व्यापारियों के लिए रो पड़ीं: सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों के धरना-प्रदर्शन को राजनीतिक सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इस बीच किन्नरों ने भी धरने को अपना समर्थन दिया है। किन्नर शिवानी ने कहा कि वह व्यापारियों का दर्द समझ सकते हैं। केवल यही दुआ करते हैं कि व्यापारियों को उनका सब कुछ वापस मिल जाए। शिवानी किन्नर बोलते-बोलते भावुक हो गईं। कहा कि इन व्यापारियों के सिवाय उनका कोई नहीं है। अगर व्यापारी खुश नहीं रहेंगे तो किन्नर समाज भी खुश नहीं रहेगा। मौजूद किन्नरों ने दुआ की कि ऊपरवाला इन व्यापारियों को उनका सब कुछ वापस लौटा दे।
डॉक्टरों का समर्थन, रात 9 बजे तक ओपीडी नहीं करेंगे: व्यापारियों के बंद का डॉक्टरों ने समर्थन किया है। आईएमए ने इसका ऐलान कर दिया है। इसलिए जितने भी डॉक्टर्स आईएमए के सदस्य हैं वह आज सुबह 9 बजे से रात के 9 बजे तक ओपीडी नहीं करेंगे। हालांकि अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा सुचारू रहेगी।
भाजपा पर कमेंट करने पर विवाद, व्यापारी आपस में भिड़े: शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट में चल रहे धरना के दौरान व्यापारी वर्ग ने भाजपा पर कमेंट कर दिया। इसी सभा में भाजपा व्यापार पर प्रकोष्ठ के पदाधिकारी विनीत शारदा अग्रवाल बैठे थे। उन्होंने टिप्पणी का विरोध किया। इसी बात को लेकर विरोध हो गया। व्यापारी पक्ष के साथ समाजवादी और भाजपाई आपस में भिड़े गए। किसी तरह मामला शांत कराया गया। दरअसल, व्यापारियों के बीच भाजपा नेता विनीत शारदा अग्रवाल ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आगे मजबूर हैं। इसका समाजवादी पार्टी के नेता कृष्ण पाल ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि भाजपा अयोध्या में तो मजबूर नहीं थी, फिर मेरठ में कैसे मजबूर हो गई। इसी बात को लेकर भाजपा और सपा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
भोजन के पैकेट पर सपा का स्टीकर देख भड़के भाजपाई
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में धरने पर बैठे व्यापारियों के लिए भोजन के पैकेट आए। इन पैकेटों पर सपा के जिला सचिव त्रिलोचन सिंह बिट्टू का फोटो लगा हुआ था। जब यह भोजन के पैकेट भाजपा से जुड़े व्यापारी नेताओं के हाथों में पहुंचे, तो वह भड़क गए। उन्होंने व्यापारियों के बीच राजनीति न करने की बात कहते हुए हंगामा कर दिया। इसी बीच किसी ने कहा कि व्यापारी भूखें हैं, तो संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता और दूसरे गुट के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारी पीड़ित है, लेकिन भूखा नहीं है। दोनों ने साफ कहा कि ऐसे मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंकना गलत है। वहीं समाजवादी पार्टी के लोगों ने भाजपाइयों का विरोध करना शुरू कर दिया। जिस पर हंगामा हुआ। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने मामले को शीघ्र ही शांत करा दिया।
मेरठ में सुबह से बाजार बंद, सड़कों पर सन्नाटा
सेंट्रल मार्केट में हुई सीलिंग कार्रवाई के विरोध में मेरठ बंद का आह्वान किया गया है। उसी कड़ी में व्यापारियों ने आज अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी हैं। आज मेरठ में सुबह के समय बाजार नहीं खुला है। सभी दुकानों के शटर गिरे हुए हैं। इससे बाजार में सन्नाटा पसरा है। सड़कें भी सुनसान हैं। शहर के मुख्य बाजार आबू लेन पर सैकड़ों दुकान हैं। यहां भी बंदी का असर देखने को मिल रहा है। रोजाना सुबह 10 से 11 बजे के बीच में यहां सभी दुकानें खुलने के बाद बाजार में रौनक लग जाती थी। आज बंदी के चलते बाजार सुना है। सड़कें भी दूर-दूर तक खाली दिखाई दे रही हैं। पीएल शर्मा रोड़, खैरनगर, सदर बाजार, शारदा रोड़, शहर सर्राफा बाजार, केसरगंज, दिल्ली रोड़, हापुड़ रोड़, भगत सिंह मार्केट, भूमिया पुल आदि तमाम बाजारों में बंदी का असर देखा गया। बाजार बंद रखने को लेकर व्यापारिक संगठन गाड़ियों पर स्पीकर लगाकर लोगों से दुकानें बंद करने की अपील के रहे हैं। संयुक्त व्यापार संघ के लोग सड़कों पर आकर समर्थन की मांग कर रहे हैं। उसका असर भी दिख रहा है।
44 संपत्तियों की हुई सीलिंग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास ने जिला प्रशासन के सहयोग से सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियों को सील किया। इनमें बैंक, मंडप, स्कूल, अस्पताल और दुकानें शामिल थीं। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई, हालांकि पुलिस ने स्थिति संभालते हुए सीलिंग की कार्रवाई पूरी कराई।
सीलिंग के विरोध में सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों का धरना
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल मार्केट में हुई सीलिंग की कार्रवाई के बाद व्यापारी लगातार अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। आज मेरठ बंद का आह्वान किया गया है। जिसके तहत सुबह से ही व्यापारियों की टीम बाजार बाजार घूम कर समर्थन जुटा रही है। इन सब के बीच शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों ने बड़े धरने का भी आयोजन किया है। यहां धीरे-धीरे व्यापारियों की भीड़ बढ़ रही है। जो टेंट यहां लगाया गया था उसका विस्तार किया जा रहा है। धरने के दौरान सबसे ज्यादा नाराजगी जन प्रतिनिधियों को लेकर है। वक्ताओं का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई के साथ व्यापारियों के सपने टूटते गए लेकिन किसी जनप्रतिनिधि ने सुध लेने का प्रयास नहीं किया। महत्वपूर्ण बात यह है कि कई राजनीतिक दलों के लोग यहां इस धरने में शामिल हुए हैं।
दिल्ली में व्यापारियों के विरोध पर नहीं हुई थी सीलिंग
सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों के धरने पर पहुंचे कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला ने कहा कि वर्ष 2006 में दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई हुई थी। व्यापारियों के विरोध के बाद सरकार को मजबूर होना पड़ा और बिल लाना पड़ा। उसके बाद दिल्ली में सीलिंग की कार्रवाई रोक दी गई। यहां के व्यापारियों को भी एकजुट होना पड़ेगा। एकजुट होते ही आवाज लखनऊ और दिल्ली तक जाएगी। सरकार को मजबूर होकर व्यापारियों के दर्द को समझाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह धरना और आंदोलन किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं है बल्कि व्यापारियों के भविष्य को बचाने का है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि आज दुख का विषय है। कुछ नहीं कर सकते तो यहां धरने पर आ सकते हैं। करोड़ों का नुकसान हो रहा है। एकजुट रहो, हमारा पूरा सहयोग रहेगा। दवा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल अग्रवाल ने कहा कि यह बंद चेतना और दुख का बंद है। 25 साल से व्यापारी की कमर्शियल रजिस्ट्री है, जीएसटी नंबर है, बिजली का बिल कमर्शियल है। हमने कोई कब्जा नहीं किया है। जमीन भी हमारी है। हमारी जमीन का सिर्फ भू उपयोग परिवर्तित है। पूर्व के वर्षों में पांच मिनट में मामले सुलट गए। आज इच्छा शक्ति की कमी है।
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