शारदा रिपोर्टर मेरठ। विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी पार्क में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि, नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स में बिना किसी सूचना के 70-80% की वृद्धि की गई है, जिससे लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है। जिसको लेकर हमने कई बार नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। लोगों को अपने मकानों का सर्वे करा कर लाने के लिए कहा जा रहा है, जिससे उन्हें और भी परेशानी हो रही है। एमडीए विभाग द्वारा अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भोली-भाली जनता को ठगा जा रहा है। जबकि, एमडीए के अधिकारी इन कॉलोनियों को रोकने में असमर्थ हैं, जिससे लोगों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि, एलपीजी सिलेंडर की पूर्ति सही समय पर नहीं हो रही है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। गैस एजेंसियों पर लंबी लाइने लग रही हैं और केवाईसी के नाम पर गैस रोकी जा रही है। जबकि, तहसील में खुला भ्रष्टाचार चल रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। दलाल सिस्टम हावी है और लोगों को अपने काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है। प्राइवेट हॉस्पिटल और सरकारी हॉस्पिटल में लचर व्यवस्था है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। प्राइवेट हॉस्पिटल द्वारा लोगों को ठगा जा रहा है और सरकारी हॉस्पिटल में साफ-सफाई और दवाओं की कमी है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर साल फीस बढ़ाई जा रही है, जिससे लोगों को आर्थिक परेशानी हो रही है। शिक्षा विभाग इन स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

मेरठ के वाहन को भी अपनी फिटनेस रिन्यू कराने के लिए बिजनौर जाना पड़ रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली विभाग द्वारा करी जा रही लूट, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों को बिना सूचित किए एकदम से ही पोस्टपेड मीटर प्रीपेड में काम करने लगा है, जिससे लोगों की बिजली कट गई है और 1000 रुपये विभाग एक्सट्रा ले रहा है। शहर के कई हिस्सों में पानी की समस्या है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शहर की सड़कें खराब हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सभी सड़कें खोद दी गई हैं, जिससे जनता परेशान हो रही है। इस योजना के अन्तर्गत चल रहे सभी कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है, जिसकी जांच निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए।

