शारदा रिपोर्टर मेरठ। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइज़ेशन मेरठ चैप्टर द्वारा विश्व शांति एवं मानव कल्याण के उद्देश्य से एक भव्य एवं ऐतिहासिक आध्यात्मिक पहल के अंतर्गत दिनांक 9 अप्रैल गुरुवार को सुबह 9 बजे से 9 बजकर 9 मिनट तक विश्वभर में एक करोड़ से अधिक लोगों द्वारा एक साथ नवकार महामंत्र का जाप किया जाएगा। यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण, मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक महाअभियान है। यह जानकारी मंगलवार को एलेकजेंडर एथेलेटिक्स क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान आयोजनकर्ताओं ने दी।
एक करोड़ से अधिक लोग करेंगे नवकार महामंत्र का जाप…
Video News | Meerut || SHARDA EXPRESS
इस दौरान उन्होंने बताया कि, नवकार महामंत्र जैन धर्म का मूल एवं सर्वमान्य मंत्र है, जो किसी व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि समस्त सिद्धों, आचार्यों, उपाध्यायों एवं साधुओं के प्रति वंदना का भाव व्यक्त करता है। इसका जाप मन, वचन एवं कर्म की शुद्धि के साथ-साथ जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता का संचार करता है। वर्तमान समय में जब पूरा विश्व तनाव, अशांति एवं अनिश्चितताओं से गुजर रहा है, ऐसे में इस प्रकार का सामूहिक जाप एक सशक्त माध्यम बनकर विश्व में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करेगा। उन्होंने बताया कि, मेरठ में इस अवसर पर सभी जैन मंदिरों एवं स्थानकों पर श्रद्धालु एकत्र होकर सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप करेंगे। साथ ही दिल्ली स्थित विज्ञान भवन से मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे देश-विदेश के लाखों लोग इस आध्यात्मिक अभियान से जुड़ सकेंगे। विशेष रूप से मेरठ चैप्टर द्वारा जैन स्थानक, जैन नगर, मेरठ में सामूहिक जाप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी समाजजनों को सपरिवार भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

इसलिए मेरठ चैप्टर के पदाधिकारीगण शशांक जैन (अध्यक्ष), विशाल जैन (उपाध्यक्ष), सौरभ जैन (महासचिव), यश जैन (संयुक्त सचिव), संजीव जैन (कोषाध्यक्ष) एवं निपुण जैन (मीडिया संयोजक) सभी जैन समाज के सदस्यों एवं आम जनमानस से विनम्र अपील करते हैं कि, वे 9 अप्रैल को निर्धारित समय पर अपने निकटतम मंदिर या स्थानक पर पहुंचकर नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप में अवश्य भाग लें और इस विश्व कल्याण के महाअभियान का हिस्सा बनें।
उन्होंने कहा कि, श्री नवकार महामंत्र (जिसे णमोकार मंत्र भी कहा जाता है) मानवता के लिए सबसे गहरा और पूजनीय मंत्र है। यह किसी वरदान की चाहना नहीं, बल्कि गहन श्रद्धा का मंत्र है, जो उन आत्माओं को नमन करता है, जिन्होंने आध्यात्मिक विकास की उच्चतम स्थिति प्राप्त की है।


