कहा- सरकार आई तो नहीं होगा किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट को लेकर उच्च न्यायालय के सीलिंग के आदेश के बाद व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस आदेश के बाद बाजार के सैकड़ों दुकानदारों में ग़म और गुस्से का माहौल देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि, सेंट्रल मार्केट में वर्षों से दुकानें संचालित हो रही हैं और हजारों लोगों का रोज़गार इससे जुड़ा हुआ है। ऐसे में अचानक सीलिंग के आदेश से व्यापारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि, व्यापारियों को राहत देने के लिए सरकार और प्रशासन को अदालत में मजबूत पक्ष रखना चाहिए। व्यापारियों ने यह भी कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन उनके रोज़गार और भविष्य को देखते हुए कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाना चाहिए। कई दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि, यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

सोमवार को आए उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट में इस आदेश के बाद से ही दुकानदारों के बीच चर्चा और चिंता का माहौल बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आए आवास विकास परिषद अधिकारियों को देखकर संभावित कार्रवाई ने सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के माथे पर चिंता लकीरें गहरा दीं। सोमवार दोपहर बाद से ही दुकानों को खाली करने में जुटे व्यापारी रातभर सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाते रहे। मंगलवार सुबह फिर व्यापारी दुकानों को खाली करते हुए दिखाई दिए। जबकि, सैंकड़ों की संख्या में व्यापारी धरने पर बैठ गए और इस कार्रवाई का विरोध किया।

इस दौरान मौके पर पहुंचे सपा विधायक अतुल प्रधान ने व्यापारियों के दुख को बांटा और कहा कि अगर उनकी सरकार आती है तो किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान व्यापारी रोते-बिलखते रहे। व्यापारियों के परिजन भी चिंता में डूबे रहे। कुछ दुकानदार अपनी दुकानों में तोड़फोड़ कराने में जुटे है, जबकि कुछ ने शटर उखड़वाकर दीवारें करा दी। मजदूर दीवार बनाने और प्लास्टर करने में जुटी है।

बता दें कि, अक्सर ग्राहकों से गुलजार रहने वाले सेंट्रल मार्केट सोमवार शाम को वीरान सा दिखा। एक तरफ कुछ दुकानदार अपनी दुकानों पर हथौड़ा चलवा रहे थे, दूसरी ओर, ग्राहक भी बाजार में नहीं दिखे। बाजार की रौनक गायब हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवासीय भूखंडों पर व्यवसायिक गतिविधियों के मद्देनजर आवास विकास परिषद को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी है। सुप्रीम कोर्ट ने सीलिंग के आदेश दिये तो व्यापारियों में खलबली मच गई। पिछले एक महीने के दौरान सेंट्रल मार्केट में करीब 200 व्यापारियों ने अपनी कॉमर्शियल गतिविधियां बंद करके उसे पुन: आवासीय रूप दे दिया। कई शोरूम एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मालिक खुद ही तोड़फोड़ करा रहे है। ऐसे में संभावित कार्रवाई को लेकर व्यापारी एंव उनके परिजन व्यापार को लेकर चिंतित है। उनके चेहरों पर चिंता की लकीरें गहरा गई। व्यापारी दहशत में है कि न जाने किस क्षण आवास विकास परिषद की टीम क्या कार्रवाई कर डाले। इधर, शहर के प्रमुख बाजारों आबूलेन, बेगमपुल बाजारों को व्यापार के मामले में टक्कर देने वाले सेंट्रल मार्केट में सन्नाटा पसरा नजर आया। चमक दमक गायब हो गई। व्यापारी अब रोजी-रोटी की चिंता में डूब गए है।


