– परिवार के लोगों के शोर मचाने के बाद भागा।
मुरादाबाद। आदमखोर तेंदुए की दहशत फैल गई है। कांठ थाना क्षेत्र के गांव में तेंदुए ने मंगलवार की रात चारपाई पर लेटी दस वर्षीय बच्ची पर जानलेवा हमला किया। गनीमत रही कि परिजनों के साहस और शोर मचाने के कारण बच्ची की जान बच गई, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हैं।

मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की रात करीब 8 बजे, गांव मिश्रीपुर निवासी किसान अवनेश कुमार की 10 वर्षीय बेटी दीपांशी घर के आंगन में चारपाई पर लेटी थी। इसी दौरान घात लगाकर बैठे एक तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और दीपांशी को जबड़े में दबाकर घसीटते हुए बाहर ले जाने लगा।
दीपांशी के भाई विशाल और अन्य परिजनों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो वे डंडे लेकर शोर मचाते हुए तेंदुए के पीछे दौड़े। सबके एकजुट होकर चिल्लाने से घबराकर तेंदुआ बच्ची को छोड़कर पास के गन्ने के खेतों में भाग निकला। तेंदुए के पैने दांत और नाखून लगने से दीपांशी गंभीर रूप से जख्मी हो गई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
हैरानी की बात यह है कि इससे ठीक एक दिन पहले, सोमवार रात को भी इसी तरह की घटना पास के ही गांव महदूद कलमी में हुई थी। वहां किसान अकरम की दो साल की मासूम बेटी सिदरा को भी तेंदुआ मुंह में दबाकर ले जाने की कोशिश कर रहा था, जिसे परिजनों ने शोर मचाकर बचा लिया। सिदरा का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दहशत में ग्रामीण, पुलिस की तलाश जारी
लगातार हो रहे हमलों से इलाके के ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं और लाठी-डंडे लेकर खुद की सुरक्षा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और खेतों में तेंदुए की तलाश शुरू की, लेकिन फिलहाल वह हाथ नहीं आया है।

