शारदा रिपोर्टर मेरठ। इंचौली थाना क्षेत्र स्थित बहचौला गांव में प्रस्तावित लिथियम बैटरी प्लांट को लेकर ग्रामीणों में विरोध है। ग्राम प्रधान मोंटी कुमार ने जिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें प्लांट की स्थापना पर तत्काल रोक लगाने और मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि रेडिक्स पावर सॉल्यूशन कंपनी गांव के घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में लिथियम बैटरी निर्माण/प्रसंस्करण प्लांट स्थापित कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह नियमों के विपरीत और खतरनाक है।
ग्राम प्रधान मोंटी कुमार के अनुसार, ऐसे उद्योग केवल अधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों में ही स्थापित किए जा सकते हैं। यहां बिना आवश्यक अनुमति ‘कंसेंट टू एस्टैब्लिश (सी2ए)’ और ‘कंसेंट टू आॅपरेट (सी2ओ)’ के काम किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने लिथियम बैटरियों से आग और विस्फोट के गंभीर खतरे की आशंका जताई है। उनका कहना है कि प्लांट से निकलने वाली जहरीली गैसें जैसे लिथियम, कोबाल्ट और निकेल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं।
इन गैसों से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त, वायु, जल और भूमि प्रदूषण से कृषि और पशुधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की गई है।
ग्राम प्रधान मोंटी कुमार ने बताया कि प्रस्तावित प्लांट के आसपास घर, स्कूल और सार्वजनिक स्थान स्थित हैं, जिससे जनहानि की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन से मांग की गई है कि निर्माण कार्य तत्काल रुकवाया जाए। साथ ही, स्थल का निरीक्षण कराया जाए और यदि प्लांट अवैध पाया जाता है, तो उसे सील करने या हटाने की कार्रवाई की जाए।

