– विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त पेंशनर्स समिति ने कमिश्नरी चौराहे पर किया प्रदर्शन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। बुधवार को आॅल इण्डिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति जनपद मेरठ के तत्वाधान में भारत सरकार द्वारा पारित वित्त विधेयक के एक वर्ष पूर्ण होने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से इस एक्ट को समाप्त करने के लिए सौंपा गया।

इस विरोध दिवस पर उतर प्रदेश के विभिन्न विभागों के पेंशनर्स एवं कार्यरत कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर विरोध प्रकट किया। जनपद संयोजक एके कौशिक ने बताया कि, केन्द्र सरकार द्वारा ऐसा अधिनियम बनाया गया है, जो केन्द्र सरकार को पेंशनर्स के बीच भेदभाव करने का अधिकार प्रदान करता है।
यह अधिनियम सरकार की उस नीति के विरूद्ध है, जिसके अन्तर्गत सभी नागरिकों को न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा करने का संकल्प है। साथ ही साथ यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की भावनाओं के विरुद्ध है।
एके कौशिक ने बताया कि, इस अधिनियम के प्राविधानों से 1 जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त हुये पेंशनर्स की अपूर्णनीय क्षति होने की संभावना है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सातवें वेतन आयोग ने भी जनवरी 2016 से पहले एवं उसके बाद सेवानिवृत्त पेंशनर्स की बीच समानता की सिफारिश की थी। जिसे वर्तमान सरकार ने लागू किया था। जिसको देखते हुए हम सभी ज्ञापन के माध्यम से इस अधिनियम को वापस लेने की मांग करते हैं।
सेवा निवृत्त प्राथमिक शिक्षण संघ के अध्यक्ष श्याम सिंह नागर ने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों की भांति कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, शिक्षणत्तर कर्मियों यहां तक फी अशासकीय शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा उपलब्ध करा दी गयी है, परन्तु सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों को अभी तक यह सुविधा नहीं दी गयी है। इसलिए सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा प्रदान की जाए।
इस अवसर पर रविराज गुप्ता विद्युत परिषद, सतपाल दत्त शर्मा, एएस गोयल, एसबी शर्मा, डीपी शर्मा, डिप्लोमा इंजी संघ, रमोद शर्मा, एके मित्तल, श्रेयांश कुमार जैन, आरपी गुप्ता, सिंबाई संघ, दिनेश चंद, उमेश गोयल, लोनिवि जयभगवान शर्मा, राजस्व, धर्मवीर सिंह न्याय विभाग, शमशेर सिंह पुलिस विभाग, बनी सिंह चौहान, सिद्धार्थ वत्स, सतीश त्यागी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, स्वास्थ्य विभाग, कलक्ट्रेट ग्रामीण अभियंत्रण, आदि पेंशनर्स संगठनों एवं कार्यरत संघों के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।

