HomeEducation Newsराज्यपाल ने 203 प्रतिभाओं को दिए पदक

राज्यपाल ने 203 प्रतिभाओं को दिए पदक

बेटे को प्राइवेट स्कूल और बेटी को सरकारी स्कूल भेजा जाता है। राज्यपाल ने कहा कि सीसीएसयू का रिजल्ट देख लीजिए छात्राओं के मुकाबले छात्र बहुत कम पास हुए। बेटियों को बचाना होगा। दहेज की मांग करने वाले के घर बेटी को न भेजें।

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  • शिक्षा मानवता का रास्ता बनाती है
  • राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय की छात्राओं को किताबे और पौष्टिक सामग्री भेंट की।
  • राज्यपाल ने आंगनवाड़ी की महिला कार्यकत्री को बच्चो के खिलौने की किट दी।

शारदा न्यूज़, संवाददाता |

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 35वे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 203 प्रतिभाओं को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस मौके पर महामहिम राज्यपाल ने छात्र और छात्राओं को आगे चल कर व्यक्तित्व और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने को कहा।

 

 

 

दरअसल नेताजी सुभाष चन्द्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा की शिक्षा व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का काम करती है। इससे व्यक्तित्व के अलावा राष्ट्र का भी विकास होता है।

 

 

कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने सीसीएसयू की उपलब्धियों की जानकारी दी और बताया कि कई विदेशी यूनिवर्सिटी से समझोता किया गया है।

 

 

 

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मेरठ संस्कृति, धर्म का केंद्र रहा है। मेरठ से ही आजादी की नई दिशा मिली थी। मेरठ हॉकी के खिलाड़ी ध्यानचंद का केंद्र रहा है। मेरठ को खेल का सफर रहा है। खेल के सामान के अलावा कैंची, खादी का सेंटर रहा।

 

 

उन्होंने कहा कि छात्राएं इस बार ज्यादा पास हुई। छात्र 36 प्रतिशत और छात्राएं 81 प्रतिशत पास हुई। छात्राओं ने 72 प्रतिशत पदक हासिल किए। राज्यपाल ने कहा सीसीएसयू ने नेक में ए डबल प्लस प्राप्त किया।

 

 

राज्यपाल ने कहा कि ऐसा काम करो जिससे दुनिया में भारत का नाम बढ़े। यूनिवर्सिटी को नेक के लिए तैयार रहना चाहिए। क्वालिटी के लिए ये काम करना चाहिए। एशियन और वर्ल्ड रैंकिंग के 12 यूनिवर्सिटी काम कर रही है। जून और जुलाई में इसका रिजल्ट आयेगा। साउथ एशियन में 219 वा स्थान मिला है। इस क्षेत्र में 4 हजार यूनिवर्सिटी है। पड़ोसी देश की यूनिवर्सिटी हमारे यहां की यूनिवर्सिटी से जुड़ रही हैं। एशिया रैंकिग में 13 हजार यूनिवर्सिटी में 701 नंबर है। रिसर्च का स्तर बढ़ा है। रैंकिंग दिशा में कदम बढ़ाए है। इसके लिए बधाई है। छात्रों की प्रगति में माता का हाथ है। उनके गले में मेडल डाल कर पैर छूना है। पहले पिता का नही मां का सम्मान करना।

राज्यपाल ने कहा बेटे को प्राइवेट स्कूल और बेटी को सरकारी स्कूल भेजा जाता है। राज्यपाल ने आगे कहा कि सीसीएसयू का रिजल्ट देख लीजिए छात्राओं के मुकाबले छात्र बहुत कम पास हुए। बेटियों को बचाना होगा। दहेज की मांग करने वाले के घर बेटी को न भेजें।

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