शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर भर में 23 मार्च सोमवार को शहीद दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया गया। इस दौरान शहीद स्मारक सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर अमर शहीदों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान प्रभातफेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विचार गोष्ठियां आयोजित की गईं, जिसमें ना केवल शहरवासियों ने बल्कि, स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और शहीदों के बलिदान को याद किया।

शहीद दिवस के मौके पर शहर भर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहीद स्मारक, अमर जवान ज्योति पर जनता और गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया। वहीं, स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत नाटक और गीत प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरा वातावरण देशभक्तिमय हो गया। लोगों ने 1857 की क्रांति में मेरठ के वीरों के योगदान को याद किया, जहां से स्वतंत्रता संग्राम की शुरूआत हुई थी।

देश के महान क्रांतिकारी अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर सोमवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लालकुर्ती स्थित महान क्रांतिकारी भगत सिंह की प्रतिमा से पदयात्रा आयोजित की गई। जो शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए वापिस लालकुर्ती पहुंची।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने शहीद भगत सिंह और उनके साथियों के विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। सरदार सर्वजीत सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम अमर शहीदों की शहादत पर लगातार आयोजित किया जाता रहा है, पहले इसे विश्वविद्यालय परिसर में किया जाता था, लेकिन इस बार सामूहिक निर्णय लेकर लालकुर्ती से आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है और भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी आज भी युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं।उन्होंने आगे कहा कि, समाज का उद्देश्य है कि, युवाओं के सामने सच्चे राष्ट्रीय नायकों को आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे भटकाव से बच सकें। शहीदों के विचारों, उनके विजन और देश के लिए उनके बलिदान को समझना आज की पीढ़ी के लिए बेहद जरूरी है।

