– पुलिस ने दौड़ाकर दोनों पैर में गोली मारी, गिड़गिड़ाता हुआ दिखा।
गाजियाबाद। चार साल की बच्ची से रेप कर उसका मर्डर करने वाले ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने पकड़ना चाहा तो भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर दौड़ते हुए दो गोली मारी। दोनों गोली उसके दोनों पैर में लगी। वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस उसे कांधे पर टांग कर ले गई। इस दौरान वह गिड़गिड़ाता रहा।

बुधवार को यह मुठभेड़ उस दौरान हुई जब पुलिस उसे घटनास्थल पर रिकवरी के ले गई थी। वहां पर आरोपी ने बच्ची का मर्डर करने के बाद रुमाल से खून पोछकर वहीं फेक दिया था। उसी के रिकवरी के दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखे तमंचा से उसने पुलिस पर फायर किया तो पुलिस को जवाबी गोली चलानी पड़ी। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। यह मामला नंदग्राम थाना क्षेत्र का है।
बच्ची का पिता रंगाई-पुताई का काम करता है। उसकी शादी 12 साल पहले हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। दो बेटों से छोटी 4 साल की बच्ची थी। पत्नी अपने पति बच्चों को तीन साल पहले छोड़कर चली गई थी। उसके जाने के बाद पति ही बच्चों की देखभाल करता है।
पड़ोस में रहने वाला गौरव प्रजापति (24) का उसके घर आना-जाना था। बच्चे उससे घुले-मिले थे। परिवार के मुताबिक सोमवार 16 मार्च की शाम करीब 7 बजे वह चार साल की बच्ची से खेलने लगा। उसके बाद टॉफी दिलाने का लालच देकर उसे अपने साथ ले गया। घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर एक खाली पड़े प्लॉट में उसके साथ दुष्कर्म किया।
उसके बाद ईंट-पत्थर से उसके सिर और चेहरे पर वार किया। वारदात को अंजाम देकर वह भाग गया। इस बीच घर में बच्ची को नहीं देखकर पिता परेशान हुआ। पुलिस को सूचना दी। इसी बीच रात करीब 9 बजे प्लॉट के कोने पर बच्ची खून से लथपथ मिली। आसपास रहने वालों ने डायल 112 पर पुलिस को जानकारी दी।
जिसके बाद बच्ची को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पूछताछ में पता चला कि बच्ची के पड़ोस में रहने वाला गौरव प्रजापति बच्ची को अन्य बच्चों के बीच से खेलते समय टॉफी दिलाने के बहाने से गोद में उठाकर ले गया था।
वारदात की जानकारी मिलते ही रात में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और एडिशनल पुलिस कमिश्रर भी मौके पर पहुंचे। डीसीपी धवज जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। सभी उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि एफएसएल व डॉग स्कॉयड की टीमों ने साक्ष्य जुटाए हैं। शुरूआती जांच में परिजनों ने यह बताया कि पड़ोस में रहने वाला 24 साल का गौरव प्रजापति लेकर गया था। वह परिवार में आता-जाता था। गलत नियम से बच्ची को लेकर गया था।
घटनास्थल पर छिपाकर रखा था तमंचा, उसी से फायर किया
एसीपी जियाद्दीन ने बताया कि आरोपी गौरव प्रजापति को गिरफ्तार करने बाद पूछताछ में उसने बताया था कि बच्ची की हत्या करने के बाद उसने हाथ में लगे खून को अपने रुमाल से पोछा था। उसके बाद रुमाल को वहीं पर फेंक दिया था। पुलिस उसी रुमाल को बरामद करवाने के लिए बुधवार 18 मार्च की सुबह उसे घटनास्थल पर ले गई थी। वहां एक झाड़ी में पहले से ही छिपाकर रखे गए तमंचा से उसने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाबी गोली में वह घायल हो गया।

